इंदौर में दूषित पानी से 32वीं मौत,बीमार महिला अनिता कुशवाह ने तोड़ा दम

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इंदौर। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के हादसे का कहर जारी है। रविवार रात एक और मौत ने परिवार को झकझोर दिया। 65 वर्षीय अनिता कुशवाह ने बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। वह पिछले एक महीने से अधिक समय से विभिन्न अस्पतालों में भर्ती थीं और लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहीं। इस मौत के साथ दूषित पानी से जुड़ी मौतों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है।
अनिता कुशवाह के बेटे नीलेश ने बताया कि उनकी मां को पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। 28 दिसंबर को उल्टी-दस्त की शिकायत पर उन्हें भाग्यश्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। दो दिन बाद डिस्चार्ज होने के बाद घर लाई गईं, लेकिन कुछ ही घंटों में हालत फिर बिगड़ गई। 1 जनवरी को उन्हें अरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया और 4 जनवरी को बॉम्बे हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया।
इलाज के दौरान उनकी किडनी फेल हो गई, जिसके चलते नियमित हेमोडायलिसिस चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट भी आया। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि शासन के निर्देश पर हायर सेंटर पर बेहतर इलाज करवाया गया, लेकिन दुर्भाग्य से मरीज को बचाया नहीं जा सका। अनिता कुशवाह के पति मिल से रिटायर्ड हैं। परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनका अंतिम संस्कार आज (सोमवार) किया जाएगा।
450 से ज्यादा मरीज ठीक, तीन अभी भी क्रिटिकल
भागीरथपुरा दूषित पानी हादसे में अब तक 32 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। वहीं, 450 से अधिक मरीज इलाज के बाद ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। फिलहाल तीन मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से दो आईसीयू में हैं और उनकी हालत क्रिटिकल बनी हुई है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 24 घंटे चालू
क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अभी भी मरीज आ रहे हैं, लेकिन डायरिया के नए मामलों की संख्या काफी कम हो गई है। अब रोजाना सिर्फ एक-दो मरीज आते हैं, जिन्हें एडमिट करने की जरूरत नहीं पड़ रही। केंद्र 24 घंटे खुला है और इलाके में दो एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं।
पानी की सप्लाई 30% हिस्से में
नगर निगम के अनुसार, इलाके के 30% हिस्से में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई जारी है और पानी अब साफ आ रहा है। हालांकि, स्थानीय निवासी अभी भी आरओ और टैंकर के पानी का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। बाकी 70% हिस्से की मेन पाइपलाइन का काम अंतिम चरण में है। इसके बाद लीकेज टेस्ट और सैंपल जांच के बाद पूरी सप्लाई बहाल की जाएगी।
