गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भारी बारिश के बाद हुए जलभराव ने आम लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है। इसी सिलसिले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बेतियाहाता इलाके में एक पीड़ित महिला से मुलाकात की, जिसकी दुकान और घर का सारा सामान बारिश के पानी में बर्बाद हो गया। मुलाकात के दौरान महिला ने बताया कि उसने लोन लेकर अपनी छोटी सी दुकान शुरू की थी लेकिन जलभराव के कारण उसका पूरा सामान खराब हो गया। अब उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। स्थिति का जायजा लेने के बाद अजय राय ने पत्रकारों से बात करते हुए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "गोरखपुर को 'स्पेन' बनाने का दावा करने वालों को बेतियाहाता की इस गरीब महिला की दुकान में भरा पानी और बर्बाद हुआ सामान जरूर देखना चाहिए। लोन लेकर अपनी आजीविका चलाने वाली महिला की दुकान में भारी बारिश के बाद जलभराव से पूरा सामान बर्बाद हो गया। यह सिर्फ एक दुकान का नुकसान नहीं बल्कि पूरे गोरखपुर में आम लोगों, दुकानदारों और परिवारों को हुए करोड़ों रुपए के नुकसान का सवाल है।" उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल पूरे गोरखपुर में हुए नुकसान का सर्वे कराए और प्रभावित नागरिकों, दुकानदारों एवं गरीब परिवारों को उचित मुआवजा दे। साथ ही, उन्होंने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की भी मांग की और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर के सांसद रवि किशन पर निशाना साधते हुए कहा, "मुख्यमंत्री गोरखपुर को 'स्पेन' बताने से नहीं, गोरखपुर वासियों की जिंदगी, संपत्ति और आजीविका सुरक्षित करने से विकास साबित होगा।" वहीं, फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 को बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी पर भी अजय राय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "उन्होंने जो अच्छा काम किया है, उसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने लोगों की जान बचाई है। लोगों की जान बचाना एक सेवा है और इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।"
भोपाल। मध्य प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरों के हॉट स्पॉट पर विशेष रूप से निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि युवाओं को हर हाल में नशे से बचाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरों के हॉट स्पॉट पर विशेष रूप से निगरानी रखी जाए। जिला स्तर पर हर महीने बैठक की जाए, ताकि इस मिशन की मॉनिटरिंग होती रहे। सीएम मोहन यादव का कहना है कि नशा मुक्त भारत के विचार के साथ प्रशासनिक गतिविधियों के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाया जाए। दरअसल, नशा मुक्त मध्यप्रदेश के लिए मुख्यमंत्री ने हाल ही में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंस पर बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है। प्रदेश में निरंतर समीक्षा के साथ दोषियों के विरूद्ध सख्त कदम भी उठाए जा रहे हैं। पुलिस और आबकारी विभाग आवश्यकतानुसार संयुक्त कार्रवाई में पीछे न हटें। बैठक में अधिकारियों ने प्रजेंटेशन भी दिया। इस प्रजेंटेशन में उन्होंने बताया कि नशीली दवा, मादक पदार्थों में उत्पादन, व्यापार, सेवन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए एडीपीएस एक्ट लागू है। इस कड़े कानून के तहत इस वर्ष प्रदेश में 2706 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। 3690 आरोपियों से अगस्त 2026 तक 46 हजार 313 किलो मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रतिबंधित कफ सीरप जप्त करने, शिक्षण संस्थानों की 500 मीटर परिधि में ड्रग्स फ्री परिसर बनाने, नशा मुक्त मित्रों का सहयोग प्राप्त करने और जिलों में नशा मुक्त केंद्रों की भूमिका सक्रिय बनाने के कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। नशा मुक्त हेल्पलाइन 14446 की व्यवस्था भी लागू की गई है। दरअसल, राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है । इसके साथ ही मादक पदार्थ की तस्करी में शामिल उस नेटवर्क को भी खोजा जा रहा है जो राज्य के बड़े हिस्से में मादक पदार्थों की आपूर्ति करता है।
भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट में गंभीर बीमारी के चलते आदिवासी बच्चों की मौत के बाद गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचेंगे। इससे पहले भाजपा ने राहुल गांधी के दौरे को राजनीतिक स्टंट करार देते हुए उन पर तीखा हमला बोला है। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि दौरे का मकसद सार्थक होना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक रोटियां सेंकना। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी आएं, परंतु सार्थक बात करें। अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए दौरे करना उचित नहीं है। हमें उनके आने से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वे विघटन की बात न करें।" सारंग ने कहा कि राहुल गांधी का इतिहास बहुत अच्छा नहीं रहा है। उन्होंने इंदौर दौरे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने 'मां' जैसे शब्दों का अपमान किया था। मंत्री ने आगे कहा, "वो विश्व में कहीं भी जाते हैं तो देश के मान-सम्मान को गिराते हैं। हिंदुस्तान में भी जब वह कहीं दौरा करते हैं तो संवैधानिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाते हैं।" विश्वास सारंग ने राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने और सनसनीखेज खबरें बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी में परिपक्वता होनी चाहिए। सारंग ने कहा, "बचपने और स्क्रिप्टेड भाषण देने से राजनीति नहीं चलती। लाशों पर राजनीति करना उचित नहीं है।" वहीं, भाजपा की प्रदेश सह-प्रभारी रेखा वर्मा ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज राहुल गांधी बालाघाट के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में इसलिए पहुंच पा रहे हैं क्योंकि भाजपा सरकार ने वहां से नक्सलवाद को खत्म करने का काम किया है। उन्होंने कहा, "जब कांग्रेस की सरकार थी, तब ऐसी कई घटनाएं हुईं जहां कांग्रेस का एक भी नेता पीड़ितों तक नहीं पहुंचा। हमारी सरकार ने उस क्षेत्र को सुरक्षित बनाया है, तब जाकर आज विपक्ष के नेता वहां जा रहे हैं।"
भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहले से आठवीं तक पढ़ने वाले 58 लाख बच्चों को गणवेश के लिए 600 रुपए दिए जाएंगे। यह फैसला मंगलवार को हुई मोहन सरकार की कैबिनेट में लिया गया । राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि राज्य के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के 58 लाख विद्यार्थियों को 600 रुपए प्रति गणवेश के अनुसार सीधे बैंक खाता के माध्यम से प्रदान किए जाएंगे, इसके अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 348 करोड़ रुपए छात्रों को दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में करीब 24 हजार 500 करोड़ के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें पुनरीक्षित प्रस्ताव, संशोधित प्रस्ताव तथा विभिन्न योजनाओं की निरंतरता से संबंधित प्रस्ताव शामिल रहे। इन सभी प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्री चैतन्य काश्यप के मुताबिक यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में भारत के कुल 78 स्थलों को शामिल किया गया है, जिनमें 19 स्थल मध्यप्रदेश के हैं। इनमें बाघ गुफाओं की चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि की गुफाएं जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह मध्यप्रदेश के पर्यटन के लिए भविष्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन के विकास पर लगातार कार्य किया जा रहा है। साथ ही, प्रदेश में बाघों की संख्या में वृद्धि हो रही है और हमारे सभी टाइगर रिजर्व एवं वन्यजीव अभयारण्यों को भी व्यवस्थित एवं विकसित किया जा रहा है। पर्यटन न केवल हमारी विरासत और संस्कृति को विश्व पटल पर पहचान दिलाता है, बल्कि यह एक बड़ा आर्थिक उपक्रम भी है और रोजगार एवं स्थानीय विकास के नए अवसर पैदा करता है। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्ध घुमन्तु वर्गों के विभाग अंतर्गत संचालित छात्रावासों, कल्याण आश्रमों एवं अन्य कल्याणकारी संस्थानों को अभी तक 12 किलो अनाज 5 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाता था। वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वर्गों के छात्रावासों तथा इसी प्रकार की कल्याणकारी संस्थाओं को 1 रुपए प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जा रहा था। बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्ध घुमन्तु वर्गों के विभाग अंतर्गत आने वाले छात्रावासों एवं संबंधित संस्थानों को भी अब 1 रुपए प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्णय इन संस्थानों में रहने वाले विद्यार्थियों एवं जरूरतमंदों के हित में एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम है।
भोपाल। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन स्तर पर महत्वपूर्ण नियुक्तियां करते हुए नई ट्रस्ट समिति का गठन किया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से जारी इस सूची में पार्टी की वित्तीय और प्रशासनिक संपत्तियों के प्रबंधन के लिए तीन वरिष्ठ नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, समिति के सुचारू संचालन के लिए निम्नलिखित पद घोषित किए गए हैं: बीजेपी हाईकमान द्वारा गठित इस ट्रस्ट समिति के प्रमुख कार्य निम्नलिखित होंगे: पार्टी की वित्तीय, प्रशासनिक और संगठनात्मक संपत्तियों की देखरेख करना। पार्टी से जुड़े ट्रस्ट कार्यों, संपत्तियों के रख-रखाव और वित्तीय प्रक्रियाओं का सुचारू व पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करना। संगठन की संपत्तियों के सुरक्षित और कुशल प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए ही हाईकमान ने पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है।