आलीराजपुर। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर गए 145 श्रद्धालुओं के साथ यात्रा आयोजक द्वारा लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आयोजक ने यात्रियों को रास्ते में ही उत्तराखंड के चमोली जिले में छोड़ दिया। प्रशासन की तत्परता और पुलिस की कार्रवाई के बाद शुक्रवार को आरोपी आयोजक केवलदास त्यागी महाराज को गिरफ्तार कर लिया गया है।


5100 रुपये में चारधाम यात्रा का दिया था झांसा

गुजरात के वलसाड निवासी केवलरामदास त्यागी महाराज ने आलीराजपुर और जोबट क्षेत्र में पोस्टरों के जरिए 'श्री केवलराम मानस यात्रा' का प्रचार किया था। इसमें प्रति यात्री 5100 रुपये में केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री दर्शन कराने तथा रहने-खाने का वादा किया गया था। यात्रा के लिए 55 पुरुष, 67 महिलाओं और 23 बच्चों समेत कुल 145 यात्रियों से 5.67 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके अलावा यात्रा के दौरान रास्ते में भी आयोजक ने प्रति यात्री 2 से 3 हजार रुपये अतिरिक्त ले लिए। तय समय से 4 दिन देरी से 18 सितंबर को तीन बसों से यात्री हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे।


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पेमेंट न मिलने पर ट्रैवल्स एजेंसी ने पीपलकोटी में रोकीं बसें

गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ दर्शन के बाद जब यात्री बद्रीनाथ से लौट रहे थे, तो बुधवार को चमोली के पास 'टूर एंड ट्रैवल्स' संचालक ने बसें रोक दीं। एजेंसी संचालक के अनुसार, आयोजक ने 11 हजार रुपये प्रति यात्री के हिसाब से 18 लाख रुपये में बात तय की थी, लेकिन केवल 6.70 लाख रुपये ही चुकाए। बकाया 12.30 लाख रुपये न मिलने पर एजेंसी ने बसें आगे ले जाने से इनकार कर दिया। यात्रा आयोजक द्वारा संतोषजनक जवाब न मिलने पर 145 यात्री चमोली के पीपलकोटी स्थित एक आश्रम में 4 दिनों तक फंसे रहे, जहां उन्हें अपने पैसों से खाने-पीने का इंतजाम करना पड़ा।


प्रशासनिक हस्तक्षेप, जोबट विधायक से गुहार और पुलिस कार्रवाई

यात्रियों द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर मदद मांगने पर आलीराजपुर कलेक्टर नीतू माथुर ने चमोली कलेक्टर से फोन पर बात की। जोबट विधायक सेना महेश पटेल और नगरपालिका अध्यक्ष ने भी स्थिति का संज्ञान लिया। चमोली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और धोखाधड़ी के आरोप में आयोजक केवलदास त्यागी महाराज को धारा 420 के तहत गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान बाबा के कमरे से शराब की बोतलें, गांजा और आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।


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यात्रियों ने खुद जुटाए पैसे; हरिद्वार के लिए हुए रवाना

प्रशासन की मध्यस्थता के बाद शुक्रवार सुबह यात्रियों को हरिद्वार भेजा गया। चमोली में विवाद का पूर्ण समाधान न होने पर सभी 145 श्रद्धालुओं ने खुद 700-700 रुपये एकत्र कर दूसरी बस का इंतजाम किया, जिसके जरिए वे अब आलीराजपुर लौट रहे हैं।