सतना, सजल कुमार रजक। गांधी जयंती के अवसर पर सतना केंद्रीय जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे सात बंदियों को रिहा किया गया। शासन द्वारा घोषित परिहार का लाभ मिलने और जेल मुख्यालय से आदेश प्राप्त होने के बाद जेल प्रशासन ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर बंदियों को रिहा किया।
रिहा किए गए बंदियों में पन्ना जिले के मुन्नू कुंहार, गिरधारी कुंहार, लाल उर्फ विरोधन, महिला बंदी शहनाज खां और लोकेन्द्र सिंह शामिल हैं। इनके अलावा छतरपुर जिले के धर्मेन्द्र उर्फ धम्मू तथा मैहर जिले के संतोष चौधरी को भी रिहाई दी गई।
बंदियों को मिला अर्जित पारिश्रमिक
जेल प्रशासन के अनुसार, रिहाई के दौरान बंदियों को जेल में किए गए कार्य के बदले अर्जित बंदी पारिश्रमिक की राशि भी प्रदान की गई। इनमें संतोष चौधरी को 1 लाख 11 हजार 972 रुपये और लोकेन्द्र सिंह को 1 लाख 11 हजार 524 रुपये का पारिश्रमिक दिया गया। अन्य रिहा हुए बंदियों को भी उनके खाते में अर्जित पारिश्रमिक की राशि प्रदान की गई।
रिहाई के समय दिए गए उपयोगी सामान
रिहाई के अवसर पर जेल प्रशासन की ओर से सभी बंदियों को श्रीमद्भगवद्गीता, फलदार पौधा, लंच पैकेट, बंदी पारिश्रमिक पासबुक और रिहाई प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जेल प्रशासन ने बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़कर शांतिपूर्ण और बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
अपराध से दूर रहकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील
जेल प्रशासन ने रिहा हुए सभी बंदियों से भविष्य में अपराध से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज के साथ सकारात्मक जीवन जीने की अपील की। गांधी जयंती के अवसर पर हुई यह रिहाई बंदियों को सुधार और पुनर्वास की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण रही।











