लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वे कभी लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते। सरदार पटेल का सच्चा अनुयायी वही हो सकता है जिसके मन में राष्ट्रवाद का भाव हो और जो भारत की एकता, सुरक्षा व संप्रभुता को सर्वोपरि रखता हो। समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने का प्रयास करने वाले विभाजनकारी तत्व देश की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर आक्रांताओं को आमंत्रित करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ के जीपीओ स्थित पटेल पार्क में 'लौह पुरुष', 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए यह ओजस्वी विचार व्यक्त किए। इस दौरान उन्होंने पटेल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 2014 के बाद से पूरा देश 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मना रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सरदार पटेल की 151वीं जयंती विशेष है, क्योंकि डबल इंजन की सरकार उनके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए हर जनपद में एक 'एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन' का गठन करने जा रही है। इसका शुभारंभ आज ही होने जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश का कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा और उसकी स्किलिंग व रोजगार की व्यवस्थित व्यवस्था होगी। सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जन्म गुजरात के एक छोटे से गांव करमसद, नडियाद में हुआ था। आज प्रधानमंत्री मोदी दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के रूप में गुजरात के केवड़िया में सरदार सरोवर के तट पर उनकी स्मृतियों को जीवंत कर रहे हैं। यह विशाल प्रतिमा उनके उस विराट व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करती है, जिन्होंने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का अभिन्न हिस्सा बनाया था। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता के समय जूनागढ़ और हैदराबाद रियासतों की आनाकानी का जिक्र करते हुए बताया कि जब सरदार पटेल ने सख्त चेतावनी दी कि 'बातों से नहीं मानोगे तो हमें दूसरा तरीका भी अपनाना आता है', तो जूनागढ़ का नवाब अपने बच्चों तक को छोड़कर पाकिस्तान भाग गया। इसी तरह, हैदराबाद का निजाम जो हिंदुओं, सिखों, बौद्धों और जैनियों का कत्लेआम और धर्मांतरण कराता था, उसे भी लौह पुरुष की चेतावनी के बाद भागने पर मजबूर होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कश्मीर मुद्दे पर तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि नेहरू ने कश्मीर का मामला अपने पास रखा, जिसके परिणामस्वरूप कबाइलियों के हमले में पाक अधिकृत कश्मीर आज भी पाकिस्तान के कब्जे में है और वहां हिंदुओं व सिखों का व्यापक कत्लेआम हुआ। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के कड़े विरोध के बावजूद पंडित नेहरू ने कश्मीर में धारा 370 लागू करने का पाप किया। लेकिन 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के शिल्पी प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने धारा 370 को सदैव के लिए दफन कर दिया और कश्मीर को भारत का पूर्ण हिस्सा बना दिया। उन्होंने कहा कि अब भारत में दो कानून नहीं चलेंगे, बल्कि एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान ही चलेगा। यही सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का भारत है। राष्ट्रीय एकता को मिल रही चुनौतियों पर आगाह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर बंटते हैं, तो समाज की स्टेमिना और प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है। ठीक उसी तरह जैसे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर बीमारियां घेर लेती हैं। यही कमजोरियां आक्रांताओं को हमला करने के लिए आमंत्रित करती हैं। उन्होंने आह्वान किया कि भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने और देश की एकता व अखंडता को चुनौती देने वाले कुत्सित प्रयासों का मिलकर मुकाबला करना ही सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने विधायक शशांक वर्मा और उनके स्वर्गीय पिता पटेल रामकुमार वर्मा के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विधायक शशांक वर्मा ने प्रसिद्ध चित्रकार शैलेंद्र उत्तम द्वारा गेहूं के दाने से निर्मित सरदार पटेल का एक अद्भुत चित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने अन्य अतिथियों के साथ 'पटेल स्मारिका 2026' का विमोचन भी किया।
नई दिल्ली। देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री और पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने उनको नमन किया है।सीएम योगी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा गया, "आधुनिक भारत के शिल्पकार, 'लौह पुरुष,' 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि एवं समस्त प्रदेशवासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की हार्दिक बधाई। सरदार साहब का जीवन इस शाश्वत सत्य का उद्घोष है कि राष्ट्र की शक्ति उसकी एकता में और एकता का सामर्थ्य 'राष्ट्र प्रथम' के भाव में निहित है। मां भारती की सेवा को समर्पित उनका जीवन हमें 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को साकार करने की प्रेरणा देता है।" पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने लिखा, "राष्ट्रीय एकता दिवस के पावन अवसर पर, भारत के 'लौह पुरुष,' भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 151वीं जयंती पर, मैं उन्हें सादर नमन करता हूं और अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री, सरदार पटेल साहस, दूरदर्शी राजनीति और अटूट देशभक्ति के प्रतीक थे। उनके दृढ़ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और असाधारण प्रयासों से 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण हुआ, जिसने एक संप्रभु, एकजुट और सशक्त गणराज्य की नींव रखी।" उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, "महान स्वतंत्रता सेनानी, कुशल प्रशासक और स्वतंत्र भारत को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाले 'भारत रत्न' लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर कोटिशः नमन। राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के प्रति आपका अटूट समर्पण, अदम्य साहस और दूरदर्शी नेतृत्व हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने लिखा, "मां भारती के महान सपूत, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रतीक, लौह पुरुष ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण से उन्होंने देश की रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया। उनका जीवन और व्यक्तित्व सदैव हमें देशहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।" राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, "राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता के महान शिल्पकार, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 151वीं जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन! अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और अद्वितीय नेतृत्व से उन्होंने विविधताओं से भरे देश को एकता के सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनका जीवन हमें 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को साकार करने और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने की प्रेरणा देता रहेगा।" दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया, "अखंड भारत के शिल्पकार, राष्ट्रीय एकता के प्रखर प्रहरी ‘लौहपुरुष’ भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। सरदार साहब ने अपने अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रनिष्ठा से सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त भारत की नींव रखी। किसानों के अधिकारों, ग्रामीण स्वावलंबन और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए उनका संघर्ष राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है।" मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "लौह पुरुष, भारत रत्न, श्रद्धेय सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर सादर नमन करता हूं। आप सभी को राष्ट्रीय एकता दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। मातृभूमि के लिए समर्पित आपका जीवन राष्ट्र के नवनिर्माण के संकल्प को सुदृढ़ करता है। देशभक्तों के लिए आप प्रेरणा का अनंतस्रोत बने रहेंगे।" बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिखा, "अखंड भारत के निर्माण में अतुलनीय योगदान देने वाले लौह पुरुष, भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। देश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखने का उनका संकल्प एवं राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। राष्ट्रीय एकता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।" भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "भारत के बिखरे हुए भूभाग को एक अखंड राष्ट्र के रूप में स्थापित करने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी ने सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की नींव सुदृढ़ की। उनकी दृढ़ता ने भारत को एकता का सूत्र दिया, उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने राष्ट्र की नींव को सशक्त किया और उनका जीवन पीढ़ियों के लिए राष्ट्र समर्पण का मानदंड बन गया। ऐसे राष्ट्रनायक की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।"
नई दिल्ली। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के जन्मदिन पर देश भर के नेताओं ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। नेताओं ने उनके सुदीर्घ और आरोग्यमय जीवन की कामना की।केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पोस्ट में लिखा, "केंद्रीय मंत्रिमंडल में युवा एवं ऊर्जावान सहयोगी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान को जन्मदिन की आत्मीय बधाई एवं शुभकामनाएं! ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और यश-समृद्धि प्रदान करें, यही कामना है।" केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखा, "लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन प्रदान करें।" उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि आपको यशस्वी, सुदीर्घ एवं आरोग्यमय जीवन प्रदान करें।" दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, "केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना करती हूं।" राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान को जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! प्रभु श्रीराम जी से आपके उत्तम स्वास्थ्य व सुदीर्घ जीवन की मंगलकामना करता हूं।" हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संदेश में लिखा, "केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। माता जानकी से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन प्रदान करें और आप इसी प्रकार जनसेवा के क्षेत्र में निरंतर समर्पित भाव से कार्य करते रहें।" महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लिखा, "केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं!" मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा, "केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु श्रीराम जी से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ एवं यशस्वी जीवन की कामना करता हूं।" उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, "लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री चिराग पासवान, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना है कि आप दीर्घायु हों और सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें।" वहीं, बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। बिहार और देश के विकास एवं जनकल्याण के प्रति आपकी प्रतिबद्धता सराहनीय है। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना करता हूं।"
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता शतरुद्र प्रकाश की लिखी पुस्तक 'भारत आंतरिक इमरजेंसी 1975' का विमोचन किया। शतरुद्र प्रकाश ने अपनी पुस्तक मुख्यमंत्री को भेंट की। इस अवसर पर भाजपा नेता रमेश मिश्रा और सीपी सिंह भी मौजूद रहे। पुस्तक में वर्ष 1975 से 1977 के बीच लागू आपातकाल, लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगी पाबंदियों और उनके विरोध में हुए आंदोलनों का विवरण है। इसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों, समाचारपत्रों पर सेंसरशिप तथा नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंधों का उल्लेख किया गया है। पुस्तक में 25 जून 1975 से 23 मार्च 1977 तक के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र की कठिन अवधि के रूप में दर्ज किया गया है। इसमें लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन, जबरन नसबंदी, गरीब बस्तियों को हटाने और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र है। विरोध के बावजूद आंदोलन जारी रखने वाले कार्यकर्ताओं के संघर्ष को प्रमुखता दी गई है। पुस्तक में शतरुद्र प्रकाश के राजनीतिक जीवन और आपातकाल विरोधी गतिविधियों का भी विवरण है। वर्ष 1968 से 1973 के बीच काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से जुड़े रहने के बाद उन्होंने बनारस में गरीबों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष किया। वर्ष 1974 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सबसे कम उम्र के विधायकों में शामिल हुए। आपातकाल के दौरान उनकी पत्नी अंजना प्रकाश की गिरफ्तारी और भूमिगत रहकर विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं की गतिविधियों का भी उल्लेख है। पुस्तक में रणभेरी नामक साइक्लोस्टाइल बुलेटिन के माध्यम से आपातकाल विरोधी विचारों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े संदेशों के प्रसार का विवरण दिया गया है।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और बाजार में पारदर्शी व्यापारिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर प्रदेश में घटतौली, पैकेज्ड वस्तुओं पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ज्यादा वसूली और माप-तौल संबंधी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग का विशेष जांच अभियान तेज कर दिया गया है। 26 अक्टूबर से शुरू हुआ यह सघन अभियान प्रथम चरण में 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 2 नवंबर से 5 नवंबर 2026 तक दूसरे चरण में प्रदेशव्यापी जांच की जाएगी। अभियान का उद्देश्य त्योहारों पर बढ़ी खरीदारी के बीच उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति सुरक्षित रखना और नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना है। नियंत्रक विधिक माप विज्ञान अमनदीप डुली के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जनपदों में विभागीय टीमें सक्रिय हैं। उपनियंत्रक, सहायक नियंत्रक, वरिष्ठ निरीक्षक और निरीक्षक नियमित जांच के साथ बाजारों में औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं, ताकि त्योहारों की भीड़ का लाभ उठाकर उपभोक्ताओं से अनुचित वसूली करने वालों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। अभियान के तहत त्योहारों में अधिक मांग वाले छह प्रमुख क्षेत्रों को जांच के दायरे में रखा गया है। मिठाई और गिफ्ट पैक: मिठाई के साथ डिब्बे का वजन जोड़कर ग्राहकों से अधिक कीमत वसूलने जैसी घटतौली की जांच की जा रही है। गिफ्ट हैंपर पर अंकित घोषणाओं का भी सत्यापन किया जा रहा है। एलपीजी सिलेंडर: घरेलू और वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों में गैस की वास्तविक मात्रा की जांच की जा रही है, ताकि निर्धारित मात्रा से कम गैस की आपूर्ति जैसी अनियमितताओं को रोका जा सके। खाद्य तेल और घी: पैकेज्ड खाद्य तेल, घी के पैकेटों और टिनों पर घोषित शुद्ध मात्रा तथा अंकित मूल्य का सत्यापन किया जा रहा है। आटा, मैदा और सूजी: पैकेटों एवं बोरों पर घोषित वजन के अनुरूप वास्तविक मात्रा सुनिश्चित करने के लिए जांच की जा रही है। ज्वैलर्स प्रतिष्ठान: सराफा बाजारों में आभूषणों की तौल के लिए इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक तराजुओं और अन्य माप-तौल उपकरणों के सत्यापन तथा सील की पड़ताल की जा रही है। पेंट प्रतिष्ठान: घरों की सजावट और पुताई में इस्तेमाल होने वाले पेंट के डिब्बों पर घोषित मात्रा और मूल्य की जांच की जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार का प्रयास है कि त्योहारों के दौरान आम नागरिकों को खरीदारी में किसी प्रकार की धोखाधड़ी, घटतौली या अनुचित मूल्य वसूली का सामना न करना पड़े। विधिक माप विज्ञान विभाग का यह अभियान बाजार में निष्पक्ष व्यापारिक व्यवहार को बढ़ावा देने, उपभोक्ता विश्वास मजबूत करने और निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विभागीय टीमें अभियान के दौरान माप-तौल उपकरणों, पैकेज्ड वस्तुओं पर अनिवार्य घोषणाओं, घोषित मात्रा और मूल्य से संबंधित नियमों की जांच कर रही हैं। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकार की मंशा है कि प्रदेशवासी त्योहारों को विश्वास, पारदर्शिता और सुरक्षित खरीदारी के माहौल में मना सकें।