भोपाल। मध्य प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था को लेकर बड़े नीतिगत बदलाव और आगामी चुनावी तैयारियों की रूपरेखा सामने आई है। डॉ. मोहन यादव सरकार प्रदेश की लगभग 23 हजार ग्राम पंचायतों का नियमित कार्यकाल समाप्त होने से एक-दो महीने पहले, यानी अप्रैल-मई 2027 में पंचायत चुनाव संपन्न कराने की दिशा में विचार कर रही है। बालाघाट जिले में आयोजित सरपंच सम्मेलन के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने संकेत दिया कि आगामी चुनावों से पूर्व पंचायत राज अधिनियम और नियमों में बड़े संशोधन किए जाएंगे। इसके तहत ग्राम सभाओं के कुछ प्रमुख अधिकारों को पंचायत समितियों को सौंपने तथा पंचायतों को नगर पालिकाओं की तर्ज पर स्थानीय कर (टैक्स) लगाने का अधिकार देने की तैयारी चल रही है। बालाघाट जिले के वारासिवनी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत गर्रा में आयोजित सरपंच सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि पंचायतों का कार्यकाल पूर्ण होने से एक-दो माह पूर्व चुनाव कराने की योजना है, ताकि पंचायतों के गठन और नए प्रतिनिधियों को कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया निर्बाध रूप से समय पर पूरी हो सके। इससे पूर्व राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जून-जुलाई 2022 में संपन्न हुए थे। आगामी आम चुनाव के लिए मतदाता सूची 1 जनवरी 2027 की संदर्भ तिथि (अर्हता तिथि) के आधार पर तैयार करने की तैयारी है, हालांकि मतदान की तिथियों की आधिकारिक घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नियत समय पर की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी एक माह के भीतर पंचायत राज नियमों में बदलाव से संबंधित अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी करने की तैयारी है, जिसे नवंबर तक अमलीजामा पहनाया जा सकता है: ग्रामीण अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के संबंध में मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश भर में बनकर तैयार हुए 2,472 आधुनिक पंचायत भवनों का लोकार्पण आगामी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती (सुशासन दिवस) पर किया जाएगा: