भोपाल। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक रिक्त सीट को भरने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की औपचारिक घोषणा कर दी है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट पर आगामी 12 नवंबर 2026 को मतदान कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उसी दिन शाम को मतगणना संपन्न होगी। यह सीट पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन द्वारा मंत्रिपरिषद और उच्च सदन दोनों की सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने के बाद रिक्त हुई थी। इस उपचुनाव के माध्यम से निर्वाचित होने वाले नए राज्यसभा सांसद का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक रहेगा।
डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी सीट
केंद्रीय मंत्रिपरिषद में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री रहे डॉ. एल. मुरुगन मध्य प्रदेश कोटे से राज्यसभा सांसद थे। संगठन स्तर पर तमिलनाडु में सक्रियता बढ़ाने और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने 14 अक्टूबर 2026 को अपने मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। उनका राज्यसभा का नियमित कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था, लेकिन समय से पूर्व दिए गए इस इस्तीफे के कारण निर्वाचन आयोग को इस सीट पर उपचुनाव का ऐलान करना पड़ा है।
26 अक्टूबर को जारी होगी अधिसूचना, 2 नवंबर तक भरे जाएंगे नामांकन
निर्वाचन आयोग की आधिकारिक समय-सारणी के मुताबिक, उपचुनाव की विधिवत अधिसूचना 26 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रत्याशियों द्वारा नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार 2 नवंबर 2026 तक अपने नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। इसके बाद 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा (जांच) की जाएगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 5 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। नाम वापसी की मियाद खत्म होने के साथ ही चुनावी मैदान की अंतिम तस्वीर साफ हो जाएगी।
12 नवंबर को मतदान और उसी दिन मतगणना की व्यवस्था
आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत, यदि मतदान की स्थिति बनती है तो 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में मतदान कराया जाएगा। उसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी सभी कानूनी व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूर्ण करने के लिए आयोग ने 16 नवंबर 2026 की अंतिम सीमा तय की है।
मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल, दिग्गजों की नजर
विधानसभा में दलीय संख्या बल के आधार पर यह उपचुनाव राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्य प्रदेश विधानसभा में वर्तमान दलीय स्थिति को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी का पलड़ा भारी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर कयासबाजी तेज हो गई है कि पार्टी संगठन इस हाईप्रोफाइल सीट से राज्य के किसी कद्दावर नेता को मौका देता है या फिर किसी केंद्रीय चेहरे को उच्च सदन भेजने का फैसला करता है। आगामी दिनों में नामांकन की शुरुआत के साथ ही दोनों प्रमुख दलों के संभावित उम्मीदवारों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
















