भोपाल, जीतेन्द्र यादव। ग्वालियर में देवी दर्शन के दौरान अनियंत्रित ट्रक के घुसने से हुए भीषण सड़क हादसे में कई लोगों की असमय मौत और दर्जनों श्रद्धालुओं के घायल होने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल तीन मरीजों को बेहतर उपचार के लिए भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रेफर किया गया है। बुधवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एम्स भोपाल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा उनका हालचाल जाना। इस दौरान पटवारी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोलते हुए मध्य प्रदेश को हादसों और मौतों की राजधानी करार दिया।
एम्स भोपाल पहुंचे पीसीसी चीफ, घायलों का जाना हाल
ग्वालियर हादसे में जिंदगी और मौत से जूझ रहे तीन गंभीर घायलों का उपचार भोपाल एम्स के डॉक्टरों की विशेष निगरानी में चल रहा है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने अस्पताल के आईसीयू और वार्ड में पहुंचकर घायल मरीजों के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी चिकित्सकों से प्राप्त की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से बातचीत कर उन्हें हर संभव ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी इस दुख की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
घायलों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोहन यादव सरकार पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और अनियंत्रित भारी वाहनों के चलते राज्य में आए दिन सामूहिक हादसे हो रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की स्थिति ऐसी बना दी गई है जैसे यह सामूहिक हत्याकांडों की राजधानी बन गया हो। पटवारी ने मांग रखी कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के आश्रितों को सरकार 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे तथा घायलों के संपूर्ण उपचार का खर्च उठाने के साथ-साथ उनके पुनर्वास का पुख्ता प्रबंध करे।
ग्वालियर में मजिस्ट्रियल जांच प्रारंभ, सीएम भी कर चुके हैं मुलाकात
ग्वालियर में घटित इस दर्दनाक घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने औपचारिक मजिस्ट्रियल जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच अधिकारी घटना के कारणों, भारी वाहन के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश और मौके पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूकों की बिंदुवार समीक्षा कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं ग्वालियर पहुंचकर प्रभावित परिवारों और घायलों से मिल चुके थे तथा उन्होंने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।















