भोपाल। मध्य प्रदेश में 3 अक्टूबर को मानसून की पूरी तरह विदाई होने के बावजूद मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हिस्से में 24 अक्टूबर से एक नए सिस्टम के प्रभाव से फिर से मौसम बदलेगा। वहीं, अगले दो दिनों तक इंदौर संभाग और नर्मदापुरम क्षेत्र में आंधी और बारिश का असर देखने को मिलेगा।
गुरुवार को 11 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के मालवा-निमाड़ और मध्य क्षेत्र के 11 जिलों में मध्यम से तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है: इंदौर, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। गुरुवार दोपहर बाद इंदौर, सीहोर और शाजापुर में तेज बारिश हुई, जबकि भोपाल में दिनभर बादलों के बाद रात में बूंदाबांदी दर्ज की गई।
दशहरे पर 4 साल बाद हुई बारिश, गैरतगंज में गिरा सवा इंच पानी
मंगलवार और बुधवार की मध्य रात्रि में प्रदेश के 15 जिलों (धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, गुना, सागर, सीहोर और रतलाम) में जोरदार बारिश रिकॉर्ड की गई: रायसेन जिले के गैरतगंज में सबसे ज्यादा सवा इंच बारिश हुई, जबकि खंडवा में 1 इंच पानी गिरा। सीहोर में 37 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। चार साल पहले (2022) के दशहरे की तरह इस बार भी कई जिलों में रावण दहन का कार्यक्रम बारिश के कारण प्रभावित हुआ।
रात के तापमान में गिरावट: अमरकंटक सबसे ठंडा, पचमढ़ी में 16.6 डिग्री पारा
प्रदेश में आंधी-बारिश के साथ-साथ रात की ठंडक भी धीरे-धीरे पैर पसार रही है। अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट दर्ज की जा सकती है:
न्यूनतम तापमान: अनूपपुर के अमरकंटक में बीती रात पारा गिरकर 15.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। रीवा में 16 डिग्री, पचमढ़ी में 16.6 डिग्री, मंदसौर में 16.8 डिग्री और दतिया में 17 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
दिन का तापमान: भोपाल, राजगढ़, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, खजुराहो, नर्मदापुरम और मंदसौर में दिन का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री से 35.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ।
10 साल का ट्रेंड: अक्टूबर में बारिश, धूप और ठंड का मिला-जुला असर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, पिछले 10 सालों के मौसम पैटर्न को देखें तो मध्य प्रदेश में अक्टूबर के महीने में बारिश, धूप (गर्मी) और रात की ठंडक—तीनों का असर एक साथ देखने को मिलता है। इस वर्ष राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा था, और वर्तमान में लोकल सिस्टम व ट्रफ लाइन की सक्रियता के कारण मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला बना हुआ है।















