शिवपुरी। शिवपुरी जिले के करेरा में आयोजित सात दिवसीय रामकथा के समापन दिवस पर बागेश्वर महाराज ने करवा चौथ को लेकर दिए गए अपने चर्चित बयान 'खसम पूजन दिवस' पर खुलकर अपनी बात रखी और आलोचकों को अपने ठेठ बुंदेली अंदाज में आड़े हाथों लिया। कथा के अंतिम दिन व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान का कोई गलत अर्थ नहीं था, बल्कि यह विशुद्ध रूप से बुंदेलखंड अंचल की सहज लोकभाषा का हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने कथा के दौरान करेरा की स्थानीय राजनीति पर भी चुटीला कटाक्ष किया।
व्यासपीठ से सफाई देते हुए बागेश्वर महाराज ने कहा कि उनके मुंह में कोई ब्रेक नहीं है, जो मन में आता है वे बेबाकी से कह देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पूरे देश में उनकी कथा और विचारों की चर्चा भले न हो, लेकिन उनके मुंह से निकले 'खसम पूजन दिवस' शब्द को मुद्दा बना दिया गया। बागेश्वर महाराज ने कहा कि बुंदेलखंड की माटी और बोलचाल में पति को 'मुंसुर' या 'खसम' ही कहा जाता है। उन्होंने पंडाल में उपस्थित मातृशक्ति से संवाद करते हुए पूछा कि क्या घरों में सास नाराज होने पर बहू से यह नहीं कहती कि 'जा, अपने खसम से कह दे'? बागेश्वर महाराज ने आलोचकों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन्हें पीछे पड़ना है वे पड़े रहें, क्योंकि उन्होंने अपनी लोकसंस्कृति की सामान्य भाषा में ही बात कही थी।
सफाई देने के साथ-साथ बागेश्वर महाराज ने करेरा क्षेत्र के राजनीतिक माहौल पर भी तीखा व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भले ही कम राजनीति हो, लेकिन करेरा में राजनीति बहुत ज्यादा है और यहां की राजनीति से तो केवल बजरंगबली ही रक्षा कर सकते हैं। बागेश्वर महाराज ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब उन्हें समझ आया कि करेरा कितना महान है और पुराने समय में राजा-महाराजा करेरा छोड़कर क्यों भागे थे।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद 26 अक्टूबर को एक 'सीधी बात' सत्र के दौरान उपजा था, जब एक श्रद्धालु ने बागेश्वर महाराज से करवा चौथ के व्रत को लेकर सवाल पूछा था। तब बागेश्वर महाराज ने हास्य-विनोद के अंदाज में करवा चौथ को 'खसम पूजन दिवस' करार दिया था और नसीहत दी थी कि महिलाओं को साल में सिर्फ एक दिन व्रत रखकर बाकी 364 दिन पतियों को ताने नहीं मारने चाहिए। उनके इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई थी, जिसके बाद अब शिवपुरी के करेरा से बागेश्वर महाराज ने इस पूरे मामले पर अपनी अंतिम स्थिति स्पष्ट की है।













