माघ मेला छोड़ने के बाद अविमुक्तेश्वरानंद के तीखे तेवर

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प्रयागराज। प्रयागराज माघ मेला छोड़ने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। शुक्रवार को वाराणसी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि माघ मेले के दौरान उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण पत्र मांगा गया था, जिसे उन्होंने प्रस्तुत किया। उनके अनुसार प्रमाण सही पाए जाने के बाद प्रशासन को उसे मानना पड़ा, लेकिन अब प्रमाण मांगने का समय बीत चुका है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अब मुख्यमंत्री को अपने हिंदू होने का प्रमाण देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को 40 दिन का समय देते हुए कहा कि इस अवधि में वे गो-भक्त होने का प्रमाण प्रस्तुत करें। ऐसा नहीं करने पर मुख्यमंत्री को नकली हिंदू, कालनेमि, पाखंडी और ढोंगी माना जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल दिखावे के लिए गेरुआ वस्त्र धारण किए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री और जगद्गुरु रामभद्राचार्य मिलकर गोहत्या बंदी की मांग करने वालों पर लगातार हमले कर रहे हैं। अगर सरकार वास्तव में हिंदू हितों की बात करती है, तो गो-माता को राज्य माता घोषित किया जाए और उत्तर प्रदेश से गोमांस का निर्यात पूरी तरह बंद किया जाए।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो सरकार को गैर-हिंदू घोषित करने की घोषणा की जाएगी।
