12वीं के टॉपर बेटे ने मां-बाप और भाई को उतारा मौत के घाट, लाशों के पास बैठा रहा हत्यारा

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बैतूल। जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत सांवगा गांव में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। एक युवक ने अपने माता-पिता और सगे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतकों की पहचान 55 वर्षीय पिता राजू उर्फ हंसू धुर्वे, 40 वर्षीय मां कमलती धुर्वे और 40 वर्षीय भाई दिलीप धुर्वे के रूप में हुई है। आरोपी ने न केवल अपने परिवार को खत्म किया, बल्कि उसने अपनी 5 साल के मासूम भांजे प्रशांत परते को भी जान से मारने की कोशिश की, जिसकी हालत फिलहाल गंभीर बताई जा रही है।
लाशों के साथ बंद कमरे में बैठा रहा आरोपी
वारदात का खुलासा तब हुआ जब गुरुवार दोपहर तक घर का दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों को किसी अनहोनी का शक हुआ और उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। ग्रामीणों ने जब हिम्मत जुटाकर दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा देख उनकी रूह कांप गई। फर्श और दीवारों पर खून के धब्बे बिखरे थे और आरोपी दीपक धुर्वे तीनों शवों के पास चुपचाप बैठा हुआ था। हैरान करने वाली बात यह है कि मौके पर एक बिल्ली का शव भी मिला है, जिससे अंदेशा है कि आरोपी ने जानवरों को भी नहीं बख्शा।
12वीं का टॉपर और CRPF की तैयारी कर रहा था आरोपी
पुलिस और पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी दीपक धुर्वे पढ़ाई में बेहद होनहार था। वह अपने स्कूल में 12वीं का टॉपर रहा है और उसने CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की भर्ती परीक्षा भी दी थी। हालांकि, पिछले 4-5 साल से उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। बताया जा रहा है कि वह हाल ही में नागपुर से अपना इलाज कराकर लौटा था। दीपक परिवार में सबसे बड़ा बेटा है, जिसने अपने ही हाथों से अपने कुल का नाश कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और बरामद साक्ष्य
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने आरोपी दीपक को हिरासत में ले लिया है। घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और डंडे बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला प्रथम दृष्टया मानसिक विक्षिप्तता से जुड़ा लग रहा है, लेकिन हत्या के पीछे के असल कारणों और परिस्थितियों की बारीकी से जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम ने घर के हर कोने की जांच की है।


