मधुमक्खियों के हमले से मारी गई कंचन बाई के लिए मुख्यमंत्री का एलान

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नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रानपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। आंगनवाड़ी केंद्र पर कार्यरत कंचन बाई मेघवाल ने मधुमक्खियों के झुंड के हमले से लगभग 20 मासूम बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी। हजारों डंक सहने के बाद उनकी मौत हो गई, जबकि बच्चे सुरक्षित रहे। वहीं गुरूवार को मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए मृतक के परिवार को हरसंभव सहयोग का ऐलान किया है।
घटना सोमवार दोपहर मडावदा पंचायत के ग्राम रानपुर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र की है। परिसर में खेल रहे बच्चों पर अचानक पास के पेड़ पर लगे मधुमक्खी के छत्ते से झुंड ने हमला बोल दिया। अफरा-तफरी मच गई। तभी आंगनवाड़ी में खाना बनाने वाली कंचन बाई मेघवाल ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने बच्चों को अंदर भेजा, दरियों, चटाइयों और तिरपाल से उन्हें ढक दिया और खुद सामने खड़ी होकर ढाल बन गईं। मधुमक्खियों का पूरा झुंड उन पर टूट पड़ा। सैकड़ों डंक लगने से उनका शरीर नीला पड़ गया और वे बेहोश हो गईं।
ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी। टीम ने उन्हें सरवानिया महाराज अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। चार बच्चों को भी डंक लगे थे, जिनका इलाज चल रहा है और वे अब खतरे से बाहर हैं।
कंचन बाई मेघवाल जय माता दी स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष थीं। वे आंगनवाड़ी में बच्चों को मध्यान्ह भोजन बनाकर देती थीं। उनके पति शिवलाल को कई साल पहले लकवा मार गया था, जिससे वे चल-फिर नहीं पाते। परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। कंचन बाई परिवार की एकमात्र कमाने वाली थीं और हमेशा मुस्कुराती रहती थीं। गांव वाले उन्हें समय की पाबंद और सकारात्मक स्वभाव वाली बताते हैं। ग्रामीण अब छत्ते को हटाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि आंगनवाड़ी के पास ही हैंडपंप है और लोग डर के मारे वहां नहीं जा रहे। यह घटना मातृत्व, साहस और बलिदान की मिसाल बन गई है। कंचन बाई का यह कार्य पूरे देश में सराहा जा रहा है।
मुख्यमंत्री का ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर घटना पर दुख जताया और लिखा, नीमच जिले के ग्राम रानीपुर में मधुमक्खियों के डंक से आंगनवाड़ी में कार्यरत बहन कंचन बाई मेघवाल का असमय निधन अत्यंत दुखद व हृदयविदारक है। प्रदेश सरकार इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ है। इस घटना में मानवीय आधार पर मैंने कंचन बहन के परिवार को 4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी।
