वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कनाडा को लेकर बड़ा बयान दिया। ट्रम्प ने कहा कि अगर कनाडा इसी तरह चीन से दोस्ती बढ़ाता रहा, तो वह एक साल के भीतर ही बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा उत्तर अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है।
दरअसल, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ट्रम्प के महत्वाकांक्षी ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा कार्नी हाल ही में चीन दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने कई व्यापारिक समझौते किए। इसी बात से ट्रम्प खासे नाराज बताए जा रहे हैं।ट्रम्प ने कहा, “कनाडा हमारे बजाय चीन से दोस्ती बढ़ा रहा है, जो उन्हें बहुत महंगी पड़ेगी। चीन एक साल में ही कनाडा को खा जाएगा।
चीन दौरे से बढ़ा विवाद
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 13 से 17 जनवरी के बीच चीन यात्रा पर गए थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करने और चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कोटा तय करने जैसे समझौते हुए। ट्रम्प प्रशासन इसे अमेरिका के हितों के खिलाफ मान रहा है।
‘कनाडा अमेरिका के कारण जिंदा है’ – ट्रम्प
दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान ट्रम्प ने कहा कि कनाडा को अमेरिका से बड़े फायदे मिलते हैं और उसे इसका एहसान मानना चाहिए। उन्होंने कार्नी को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि “कनाडाई प्रधानमंत्री को यह समझना चाहिए कि उनका देश अमेरिका के कारण ही जिंदा है। ट्रम्प, कार्नी के उस बयान से नाराज हुए थे, जिसमें कार्नी ने कहा था कि अमेरिका के दबदबे वाली वैश्विक व्यवस्था अब खत्म हो चुकी है।
कार्नी का जवाब: कनाडा अपने दम पर फल-फूल रहा
इसके जवाब में 22 जनवरी को कार्नी ने कहा कि कनाडा और अमेरिका की साझेदारी मजबूत रही है, लेकिन कनाडा किसी के रहमो-करम पर नहीं चलता। उन्होंने कहा कि कनाडा अपने कनाडाई होने के कारण फल-फूल रहा है।इसके बाद ट्रम्प ने कनाडा को गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता भी वापस ले लिया।
पहले भी आमने-सामने आ चुके हैं दोनों नेता
ट्रम्प और कार्नी के बीच यह पहला टकराव नहीं है। इससे पहले ग्रीनलैंड मुद्दे पर भी दोनों आमने-सामने आ चुके हैं। कार्नी ने साफ कहा था कि ग्रीनलैंड के भविष्य का फैसला केवल ग्रीनलैंड और डेनमार्क करेंगे, अमेरिका नहीं।
51वां राज्य बनाने की बात पर भी टकराव
ट्रम्प कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कर चुके हैं। इस पर कार्नी ने स्पष्ट कहा था कि कनाडा बिकाऊ नहीं है और कभी अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेगा।

