निर्मित भवन की मशीन से जांच की मांग, बुजुर्ग महिला 6 वर्षों से लगा रही अधिकारियों के चक्कर

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छतरपुर। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग महिला ने अपनी जमीन और मकान के मुआवजे को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए भावुक अपील की। महिला ने समस्या का जल्द समाधान न होने पर आत्महत्या तक की चेतावनी दे दी, जिससे जनसुनवाई में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।
मामला ग्राम हमा का है, जहां निवासी उर्मिला गुप्ता पत्नी स्वर्गीय जगदीश शुक्ला जनसुनवाई में आवेदन लेकर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि खसरा नंबर 950 में उनका निर्मित मकान स्थित है, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग 34 और 35 के अवार्ड में उनका मुआवजा गलत तरीके से खसरा नंबर 951 में दर्ज कर दिया गया है।
बुजुर्ग महिला का कहना है कि इस तकनीकी गलती के कारण उन्हें लगभग 8 लाख 94 हजार 230 रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने मांग की कि मशीन के माध्यम से पुनः जांच कराई जाए, ताकि सही खसरा नंबर में उनके भवन का सत्यापन हो सके और उन्हें उचित मुआवजा मिल सके।
उर्मिला गुप्ता ने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे पिछले छह वर्षों से न्याय की उम्मीद में कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बेघर हो जाएंगी और उनका जीवन गंभीर संकट में पड़ जाएगा।
जनसुनवाई में मौजूद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित एसडीएम को जांच के निर्देश दिए। अधिकारियों ने महिला को शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। घटना के बाद कुछ देर के लिए जनसुनवाई का माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई।
