तय किराया 104, वसूली 200! महादेव मेले में राहुल बस का विशेष परमिट निरस्त करने की मांग

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छिंदवाड़ा,जीशान अंसारी। चौरागढ़ महादेव मेला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। महाशिवरात्रि के अवसर पर लगने वाले इस मेले में लाखों भक्त छिंदवाड़ा सहित आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों से चौरागढ़ महादेव के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन विभाग ने मेला अवधि में विशेष बसों का संचालन शुरू किया है और किराया सूची भी निर्धारित की गई है।
परिवहन विभाग के अनुसार, इस वर्ष छिंदवाड़ा से भूराभगत (चौरागढ़ पहुंचने का प्रमुख पड़ाव) तक का किराया मात्र 104 रुपये तय किया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। यात्रियों से 200 रुपये प्रति टिकट तक वसूले जा रहे हैं, वह भी पूरी बेखौफी के साथ।
किराया सूची चस्पा नहीं, नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही
सबसे बड़ी अनियमितता यह है कि बसों में किराया सूची चस्पा ही नहीं की गई है, जबकि नियमों के मुताबिक यह अनिवार्य है। यात्रियों द्वारा सवाल करने पर बस स्टाफ उल्टा धमकाने और डराने-धमकाने पर उतर आता है।
यात्रियों की आपबीती
रवि यादव (छिंदवाड़ा से भूराभगत जा रहे थे) ने बताया, "मैं और मेरी पत्नी दो लोगों से राहुल बस ने 400 रुपये वसूले, कोई रसीद नहीं दी गई।"
संतोष यादव ने कहा, "परिवार के तीन सदस्यों से 600 रुपये लिए गए, यानी प्रति व्यक्ति 200 रुपये।"
आरती बघेल ने शिकायत की, "बस खचाखच भरी है और एक टिकट के 200 रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि तय किराया आधा है।"
ओवरलोडिंग, मनमाना किराया और धमकी: विभाग पर सवाल
महादेव मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में जहां प्रशासन और परिवहन विभाग को अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए, वहीं बस संचालक नियमों को ताक पर रखकर श्रद्धालुओं की जेब पर डाका डाल रहे हैं। ओवरलोडिंग, मनमाना किराया और धमकी जैसे आरोप परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
राहुल बस का विशेष परमिट तत्काल निरस्त हो
स्थानीय लोगों और यात्रियों की मांग है कि अवैध वसूली करने वाली राहुल बस का विशेष परमिट तुरंत निरस्त किया जाए। ज्यादा किराया वसूलने और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
परिवहन अधिकारी की चुप्पी क्यों?
परिवहन अधिकारी अनुराग शुक्ला से मामले पर पक्ष जानने के लिए संपर्क करने पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। तय किराए से दोगुनी वसूली और नियमों के उल्लंघन के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी की यह खामोशी बस संचालकों और विभाग के बीच संभावित सांठगांठ की आशंका को बल दे रही है।
अब देखना यह है कि परिवहन विभाग कब तक आंखें मूंदे रहता है और कब इस अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई करता है। श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
