सरकारी जमीन बिक गई, हितग्राही परेशान… कॉलोनाइजर पर कार्रवाई कब?

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छिंदवाड़ा,जीशान अंसारी। शहर में अवैध कॉलोनियों का कारोबार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाकर कॉलोनाइजर आम लोगों को सपनों का घर दिखाते हैं, लेकिन बाद में वही घर मुसीबत का सबब बन जाता है। अब गांगीवाड़ा रोड स्थित गुरैया रमना क्षेत्र का मामला सामने आया है, जिसने सीधे तौर पर कॉलोनाइजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग खड़ी कर दी है।
जनसुनवाई में शिकायतकर्ता संध्या माहोरे ने बताया कि कॉलोनाइजर तन्वीर आलम ने जिस जमीन की रजिस्ट्री कराई, उसका बड़ा हिस्सा शासकीय (सरकारी) भूमि में आता है। इसके बावजूद उन्होंने अवैध रूप से कॉलोनी काट दी और करीब 90 प्लॉट बेच दिए गए। कई खरीदारों ने यहां मकान भी बना लिए हैं, लेकिन अब उन्हें अवैध निर्माण बताकर परेशान किया जा रहा है।
शिकायत में स्पष्ट कहा गया है कि कॉलोनाइजर ने नियमों का घोर उल्लंघन करते हुए सरकारी जमीन का सौदा किया। ऐसे में कार्रवाई आम नागरिकों या हितग्राहियों पर नहीं, बल्कि अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले कॉलोनाइजर पर होनी चाहिए। कलेक्टर हरेंद्र नारायण के निर्देश पर राजस्व विभाग ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय रहवासियों की मांग है कि यह जांच महज औपचारिकता न बने।
दोषी पाए जाने पर कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, अवैध कॉलोनी को नियमानुसार ध्वस्त किया जाए और पीड़ितों को उचित न्याय व सुरक्षा प्रदान की जाए। शहर में पहले भी कई अवैध कॉलोनियों के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई के अभाव में कॉलोनाइजर बेखौफ होकर यह धंधा चला रहे हैं।
अब समय आ गया है कि प्रशासन एक मजबूत उदाहरण पेश करे, ताकि भविष्य में कोई भी कॉलोनाइजर सरकारी जमीन बेचने की हिम्मत न कर सके। आम लोगों के सपनों को लूटने वालों पर लगाम लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
