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52वें खजुराहो नृत्य महोत्सव का भव्य आयोजन 20 से 26 फरवरी तक

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3 फ़रवरी 2026, 01:19 pm IST
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खजुराहो,आनंद अग्रवाल। विश्व प्रसिद्ध यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में 52वां खजुराहो नृत्य महोत्सव 20 से 26 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा। इस दौरान प्रतिष्ठित शास्त्रीय नर्तकों के घुंघरुओं की झंकार और कदमताल से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठेगा। साथ ही 18 से 26 फरवरी तक खजुराहो कार्निवल का आयोजन होगा, जिसमें जिले भर के कलाकारों को मंच मिलेगा।

जिला कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने पुलिस अधीक्षक अगम जैन के साथ खजुराहो के नगर परिषद सभागार में बैठक ली और आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में संस्कृति विभाग, पर्यटन विभाग, पुरातत्व विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल हुए।

1975 से शुरू हुआ यह महोत्सव अब अपने 52वें संस्करण में प्रवेश कर रहा है। संस्कृति विभाग द्वारा उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी तथा मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद, भोपाल के माध्यम से आयोजित यह समारोह मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग, पुरातत्व विभाग और जिला प्रशासन की सहभागिता से होता है। पश्चिमी मंदिर समूह परिसर में कंदारिया महादेव मंदिर और देवी जगदंबा मंदिर के बीच विशाल मुक्ताकाशी मंच पर शाम की प्रस्तुतियां होंगी।

महोत्सव का उद्देश्य शास्त्रीय नृत्यों का संरक्षण, कला के परमोत्कर्ष की अनुभूति कराना और कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। इस वर्ष पहली बार लयशाला का आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न नृत्य शैलियों के श्रेष्ठ गुरुओं और उनके शिष्यों का संगम होगा। कार्यशालाएं भी होंगी। अब तक भरतनाट्यम, ओडीसी, कथक, मोहिनीअट्टम, कुचिपुड़ी, कथकली, यक्षगान, मणिपुरी आदि सभी प्रमुख शैलियों के कलाकार यहां प्रस्तुति दे चुके हैं। इस वर्ष भी देश के ख्यातिप्राप्त कलाकार शिरकत करेंगे।

रोमांचक गतिविधियां और साइड इवेंट्स

महोत्सव के दौरान देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए जल क्रीड़ा, स्पीड बोट, राफ्टिंग, विलेज टूर, ई-बाइक टूर जैसी रोमांचकारी गतिविधियां आयोजित होंगी।

अन्य प्रमुख गतिविधियां

मध्य प्रदेश रूपंकर कला पुरस्कार/प्रदर्शनी एवं अलंकरण: शुभारंभ पर राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।

कलायात्रा और प्रदर्शनी: शास्त्रीय, लोक एवं जनजातीय नृत्य के परिधान, आभूषण, चित्र शैलियां आदि प्रदर्शित होंगी।

कलावार्ता: कलाकारों और विद्वानों के बीच संवाद।

हुनर: देशज शिल्प मेला (मिट्टी, काष्ठ, लौह, बांस शिल्प आदि)।

वर्तनी: ललित कलाओं का मेला (मूर्ति शिल्प, चित्रांकन आदि)।

समष्टि: टेराकोटा और सिरेमिक राष्ट्रीय प्रदर्शनी-कार्यशाला।

लोकनृत्य प्रस्तुतियां: दक्षिण मध्य सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर द्वारा।

लयशाला: गुरु-शिष्य संगम और कार्यशालाएं।

बैठक में डिप्टी कलेक्टर जी.एस. पटेल, संस्कृति विभाग के डायरेक्टर प्रकाश सिंह ठाकुर, डिप्टी डायरेक्टर पूजा शुक्ला, नगर परिषद अध्यक्ष अरुण पप्पू अवस्थी, राजनगर अध्यक्ष जीतेन्द्र जीतू वर्मा, एसडीएम प्रशांत अग्रवाल, सीईओ राकेश कुमार शुक्ला, एसडीओपी मनमोहन सिंह जी बघेल, तहसीलदार धीरज गौतम, सीएमओ बसंत चतुर्देदी, टीआई प्रशांत सेन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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