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मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया

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30 जनवरी 2026, 11:00 am IST
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नई दिल्ली। राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक ऐसी पोस्ट साझा की गई है, जिसके बाद उनकी मौत शक के दायरे में आ गई है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के नेता हनुमान बेनीवाल समेत कई जनप्रतिनिधियों और प्रेम बाईसा के अनुयायियों ने साध्वी की रहस्यमयी मौत को लेकर सीबीआई जांच की मांग की है। बता दें प्रेम बाईसा की बुधवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बाईसा के पिता ब्रह्मनाथ और एक अन्य उन्हें अचेत अवस्था में अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रेम बाईसा की मौत को लेकर समर्थक उनके पिता और जोधपुर स्थित आश्रम पर सवाल उठा रहे हैं। देर रात साधना कुटीर आश्रम के बाहर साध्वी के समर्थक जमा हो गए और उनकी के मौत के कारणों की जांच की मांग करने लगे। वहीं, साध्वी के पिता का कहना है कि मौत गलत इंजेक्शन लगाने से हुई है। साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक ऐसी पोस्ट साझा की गई है, जिसमें में लिखा था- मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया। आज अंतिम श्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है। मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली।


साध्वी के अकाउंट में आगे लिखा गया कि मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं और पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा। मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को पत्र लिखा। अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा, लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है, मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।


बता दें साध्वी प्रेम बाईसा मूलरूप से बालोतरा जिले के परेऊ गांव की रहने वाली थीं। साध्वी के पिता विरमनाथ पेशे से ट्रक ड्राइवर थे और उनकी माता अमरू बाईसा साधारण गृहणी थी। मां कि मौत के बाद पिता विरमनाथ बचपन में प्रेम बाईसा को जोधपुर स्थित गुरुकृपा आश्रम ले गए। जहां-प्रेम बाईसा को राजाराम जी महाराज और संत कृपाराम जी महाराज के सानिध्य में कथा वाचन और भजन के साथ आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त हुआ। प्रेम बाईसा जब भागवत कथा और भजन गायन के लिए होने लगीं मशहूर होने लगी तो वह गुरुकृपा आश्रम से अलग होकर जोधपुर में पाल रोड के पास साधना कुटीर आश्रम में रहने लगीं। साध्वी प्रेम बाईसा ने अपना आश्रम पैतृक गांव परेउ में बनाया है, जहां पर समय समय पर भागवत कथा समेत विभिन्न आयोजन किए गए। लेकिन गांव में परिजनों के साथ जमीन विवाद को लेकर उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करवाया था। छह महीने पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था। वीडियो में साध्वी और उनके पिता के गले लगने पर सवाल खड़े किए गए थे, जिस पर साध्वी ने आपत्ति जताई थी।

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