IND vs PAK: पाकिस्तान अपने फैसले से पीछे नहीं हटा, तो लगेंगे ये 5 बड़े झटके

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स्पोर्ट्स डेस्क: टी-20 वर्ल्ड कप से पहले क्रिकेट जगत में भूचाल आ गया है। पाकिस्तान सरकार ने विवादित रुख अपनाते हुए कहा है कि उनकी टीम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी। आईसीसी (ICC) ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए पीसीबी (PCB) को खेल भावना और नियमों की याद दिलाई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पाकिस्तान इस फैसले पर अडिग रहा, तो उसे 'Financial Bankruptcy' और खेल जगत में अलगाव का सामना करना पड़ेगा।
1. ग्रुप स्टेज में 'सुसाइड' जैसा फैसला (NRR की मार)
आईसीसी की प्लेइंग कंडीशन के क्लॉज 16.10.7 के तहत, मैच से इनकार करने पर भारत को 'वॉकओवर' मिलेगा।
नतीजा: पाकिस्तान के खाते में 0 रन जुड़ेंगे।
असर: नेट रन रेट ($NRR$) इतना गिर जाएगा कि नामीबिया और अमेरिका जैसी टीमों को हराने के बाद भी पाकिस्तान सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो जाएगा।
2. PSL की ब्रांड वैल्यू होगी शून्य
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) पीसीबी की कमाई की रीढ़ है। आईसीसी अन्य बोर्ड्स को विदेशी खिलाड़ियों के लिए NOC रोकने का निर्देश दे सकता है।
बिना ग्लोबल स्टार्स के पीएसएल का रेवेन्यू मॉडल पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा।
3. नॉकआउट स्टेज और डिसक्वालिफिकेशन का डर
आईसीसी ने पाकिस्तान से 'अंडरटेकिंग' मांगी है। यदि पाकिस्तान सेमीफाइनल या फाइनल में भारत के खिलाफ खेलने की गारंटी नहीं देता, तो उसे टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही Disqualify किया जा सकता है।
4. आईसीसी रेवेन्यू शेयर और आर्थिक तबाही
आईसीसी के कुल राजस्व का बड़ा हिस्सा भारत-पाक मैचों से आता है। ब्रॉडकास्टर्स के नुकसान की भरपाई पीसीबी के सालाना रेवेन्यू शेयर से की जाएगी।
इससे घरेलू क्रिकेटरों की सैलरी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ताला लग सकता है।
5. 2025 चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पर संकट
पाकिस्तान को 29 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी मिली है। इस बहिष्कार के बाद आईसीसी उनसे यह अधिकार छीनकर किसी अन्य देश (संभवतः श्रीलंका या यूएई) को दे सकता है।
