सिंचित भूमि को असिंचित बताकर कम मुआवजा ग्रामीणों में भारी रोष, एसडीएम पर गंभीर इल्ज़ाम, निष्पक्ष जांच की मांग

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छतरपुर,शिवम सोनी। एनएचएआई परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में बड़ा विवाद सामने आया है। ग्राम चौका के किसानों ने आरोप लगाया है कि उनकी वर्षों से सिंचित चल रही कृषि भूमि को प्रशासन ने जानबूझकर असिंचित श्रेणी में दिखाकर कम दर पर मुआवजा दिया गया। इस कथित अनियमितता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे इसे स्पष्ट अन्याय बता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन पर नियमित सिंचाई सुविधा उपलब्ध है, ट्यूबवेल और नहर से पानी मिलता रहा है, फिर भी राजस्व रिकॉर्ड में इसे असिंचित दर्शाया गया। इससे मुआवजे की राशि काफी कम हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
भूस्वामी आकाश चौहान ने विशेष रूप से एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा खसरा नंबर 143 एवं 1688 को असिंचित श्रेणी में दिखाकर मुआवजा दिया गया, जबकि यह पूरी तरह सिंचित है। मुआवजा निर्धारण में नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई। हमने आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सिंचित श्रेणी के अनुसार उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच कराई जाए।
