माघ मेला 2026 नई यातायात व्यवस्था

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धर्म और आस्था की संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला 2026 की तैयारियां इस बार बिल्कुल नए अंदाज में की जा रही हैं। बीते महाकुंभ में उमड़ी भारी भीड़ से सबक लेते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुगम और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया है। इसी कड़ी में रोडवेज प्रशासन ने पहली बार माघ मेले के लिए पांच अलग अलग अस्थायी बस अड्डे बनाने का फैसला किया है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा सुविधा मिल सके।
शुक्रवार को जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी होते ही इन अस्थायी बस अड्डों के निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है। प्रशासन की योजना के अनुसार सभी पांचों बस अड्डे 25 से 26 दिसंबर तक पूरी तरह तैयार हो जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य एक ही स्थान पर बसों की भीड़ को रोकना है, ताकि शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो और यात्रियों को अपने गंतव्य की बस आसानी से मिल सके।
नई योजना के तहत श्रद्धालुओं को उनकी दिशा के अनुसार बस अड्डों से बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। झूंसी और पटेल बाग अस्थायी बस अड्डों को पूर्वांचल के यात्रियों के लिए केंद्र बनाया गया है, जहां से गोरखपुर, वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़, बलिया और गाजीपुर के लिए बसों का संचालन होगा। लेप्रोसी मिशन बस अड्डे से मध्य प्रदेश के साथ मीरजापुर और चित्रकूट जाने वाली बसें चलेंगी।
बेला कछार बस अड्डे को राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों से जोड़ने के लिए विकसित किया जा रहा है, जहां से लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़ और अयोध्या की बसें उपलब्ध होंगी। वहीं नेहरू पार्क बस अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली रूट के यात्रियों के लिए प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां से कानपुर, फतेहपुर, हमीरपुर और दिल्ली की बसें चलेंगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये बस अड्डे केवल अस्थायी ढांचे नहीं होंगे, बल्कि यहां यात्रियों के लिए स्थायी बस अड्डों जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। टिकट और जानकारी के लिए अलग अलग काउंटर, रूट और समय की जानकारी देने वाले सूचना पट्ट, स्वच्छ पानी, शौचालय और ठहरने के दौरान राहत देने के लिए छांव की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
माघ मेला प्रशासन का मानना है कि महाकुंभ के दौरान एक केंद्रीकृत यातायात व्यवस्था भीड़ के दबाव में कमजोर पड़ गई थी। इसी अनुभव के आधार पर इस बार यातायात को पांच अलग दिशाओं में बांटकर भीड़ नियंत्रण और सुगम आवागमन की रणनीति अपनाई गई है, जिससे मेला क्षेत्र के भीतर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया कि यात्रियों को हर बस अड्डे पर सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। सभी बस अड्डों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और एक जनवरी से विशेष बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। दिशावार बसों की इस नई व्यवस्था से माघ मेला 2026 में श्रद्धालुओं को पहले से कहीं अधिक सुव्यवस्थित यात्रा सुविधा मिलने की उम्मीद है।
