महात्मा करते हैं धर्म की रक्षा:बागेश्वर महाराज

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छतरपुर(रोहित पाठक)। बागेश्वर धाम में महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है। 10 दिवसीय बृहद धार्मिक आयोजन के तहत श्रीमद् भागवत महापुराण की पावन रस धारा बागेश्वर महाराज के मुखारविंद से बह रही है। कथा क्रम के चौथे दिवस बागेश्वर महाराज ने कहा कि जीवात्मा का परमात्मा से मिलन ही जीवन का सार है। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा का दायित्व महात्मा का होता है, इसीलिए कहते हैं कि महात्मा का दर्शन करने से परमात्मा के दर्शन होते हैं।
इन दिनों बागेश्वर धाम में लगातार धार्मिक अनुष्ठान और आयोजन हो रहे हैं। 6 फरवरी से शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन महाराज श्री ने कथा प्रेमियों को जीवन का सार समझाया। उन्होंने महापुराण के प्रसंग की व्याख्या करते हुए कहा कि नर में नारायण की सेवा और नारायण का भजन जिसके चित्त में उतर गया, समझ लीजिए उसका कल्याण हो गया। श्रीमद् भागवत महापुराण और कुछ नहीं स्वयं ठाकुर जी हैं, भक्त और भगवान की चर्चा ही श्रीमद् भागवत महाकथा है। कथा के अवसर पर सुदामा कुटी श्री धाम वृंदावन से सुतीक्ष्ण दास महाराज, दंदरौआ धाम से रामदास महाराज, राम स्नेही जी, वेदानंद गिरी जी, रामकृष्ण मिशन जयपुर के एकनिष्ठ दास, मृदुल बिहारी जी, यज्ञ सम्राट बाल योगेश्वर दास महाराज, कुंदन लाल महंत जी, ओमप्रकाश महाराज, हरि शंकर दुबे जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विधायक, कलेक्टर, एसपी ने की व्यवस्थाओं की समीक्षा
बागेश्वर धाम में सप्तम कन्या विवाह महाकुंभ के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के आने की भी सूचना है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल, एसपी अगम जैन, क्षेत्रीय विधायक अरविंद पटेरिया ने अधिकारियों के साथ हेलीपैड से लेकर आयोजन स्थल तक की सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सुरक्षा की दृष्टि से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली गई। अधिकारियों ने कलेक्टर को अब तक की गई व्यवस्थाओं से अवगत कराया। बागेश्वर धाम आने वाले लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। दूषित सामग्री का इस्तेमाल न हो इस लिहाज से भी पानी और भोजन की सैंपलिंग ली गई।
बधाई गीत पर झूम उठे संत
सुदामा कुटी से आए सुतीक्ष्ण दास महाराज बाल गोपाल भगवान को अपने साथ लेकर आए हैं। मंच पर पहुंचते ही बधाई गीत शुरू हो गया। बधाई गीत में बागेश्वर महाराज ने बाल योगेश्वर दास महाराज के अलावा अन्य सभी संतो के साथ झूम कर नृत्य करते हुए आनंद मनाया। कहते हैं भगवान के भजन में झूमने से भौतिक शरीर से मुक्ति मिलती है।
