बोरी में बांधकर जंगल में छोड़ा नवजात, महिला सरपंच की सक्रियता से बची मासूम की जान

Advertisement
सतना, अंबिका केशरी। सतना जिले के उचेहरा ब्लॉक अंतर्गत विश्व विख्यात भरहुत गांव में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक निर्दयी मां ने जन्म के तुरंत बाद अपने नवजात शिशु को जंगल क्षेत्र में स्थित पुरातत्व विभाग की बाउंड्रीवाल के भीतर बोरी में बांधकर छोड़ दिया और मौके से फरार हो गई। ठंड और भूख से तड़प रहे नवजात की जान गांव के लोगों, महिला सरपंच और पुलिस की तत्परता से बचाई जा सकी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह शौच के लिए गए ग्रामीणों को बाउंड्रीवाल के अंदर से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में जाकर देखने पर ग्रामीणों ने एक नवजात शिशु को कपड़े में लिपटा हुआ बोरी के अंदर पड़ा पाया। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों ने तत्काल गांव की सरपंच माया देवी को सूचना दी।
सूचना मिलते ही सरपंच माया देवी ने बिना देरी किए उचेहरा थाना को अवगत कराया। मौके पर सहायक उपनिरीक्षक संतोष सिंह, आरक्षक संतोष वर्मा, कौशल गुर्जर एवं महिला आरक्षक शिवानी मेहरा पहुंचे और नवजात को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल सिविल अस्पताल उचेहरा में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में महिला चिकित्सक एवं विकासखंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा जांच के बाद नवजात को फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ बताया गया है। समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच सकी।
घटना के बाद सरपंच माया देवी ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए नवजात की अपने पुत्र की तरह देखभाल शुरू कर दी है। वे सुबह से अस्पताल में मौजूद रहकर उसकी सेवा और देखरेख कर रही हैं।
वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नवजात को छोड़कर जाने वाली महिला की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
