बसंत पंचमी पर अजयगढ़ के ऐतिहासिक सरस्वती मंदिर में धूमधाम से मनाया गया पर्व

Advertisement
अजयगढ़ (मोहम्मद मुस्तकीन) — आज बसंत पंचमी के पावन अवसर पर बसंत ऋतु की शुरुआत हुई। यह दिन ज्ञान, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती का जन्मदिन माना जाता है। इसे ऋतु का राजा भी कहा जाता है, क्योंकि आज से मौसम में परिवर्तन शुरू हो जाता है और पतझड़ से बसंत का आगमन होता है।
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ में स्थित मां सरस्वती का ऐतिहासिक मंदिर आज बड़ी धूमधाम और श्रद्धा से सजा। यह मंदिर पूरे भारत में विख्यात है और कोलकाता के बाद सरस्वती मंदिर के रूप में विशेष प्रसिद्धि प्राप्त है। यहां विराजमान मां सरस्वती की प्रतिमा अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक है। मंदिर का निर्माण अजयगढ़ रियासत के राजा महाराज पुण्य प्रताप (या संबंधित ऐतिहासिक शासक) द्वारा कराया गया था। वर्तमान में यह मंदिर शासन के अधीन है और उसकी देखरेख की जाती है।
बसंत पंचमी के अवसर पर हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से इस मंदिर में पहुंचे। नई ऋतु की शुरुआत पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और विशेष अनुष्ठानों से की गई। मंदिर में शुद्ध देसी घी से बने पकवान बनाए गए, जिन्हें प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। इसके अलावा विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और मां सरस्वती से ज्ञान, बुद्धि एवं सफलता की कामना की।
यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व का है, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का भी जीवंत प्रतीक है। बसंत पंचमी यहां हर वर्ष विशेष उत्साह के साथ मनाई जाती है, जहां पीले वस्त्रों में सजे भक्त मां की आराधना करते हैं।
