शाहगढ़ में नर्स की हत्या करने वाला भाई निकला? क़त्ल की वजह सामने आई

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शाहगढ़(पुष्पेन्द्र यादव)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ कस्बे में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई, जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ 26 वर्षीय स्टाफ नर्स दीपशिखा चढ़ार निवासी पाटन, जबलपुर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में हत्या का मुख्य आरोपी मृतिका का मौसेरा भाई सुशील आठ्या निवासी पनागर क्षेत्र, जबलपुर निकला है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी लंबे समय से दीपशिखा को परेशान कर रहा था और एकतरफा प्यार में शादी के प्रस्ताव को ठुकराने पर उसने यह कदम उठाया।
घटना के अनुसार दीपशिखा पिछले करीब चार वर्षों से शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स के पद पर तैनात थीं। वह अस्पताल से लगभग 500 मीटर दूर किराए के मकान में रहती थीं। बुधवार रात उनकी नाइट ड्यूटी थी, जिसके चलते वह अस्पताल जा रही थीं। मुख्य गेट के पास पहुंचते ही आरोपी सुशील आठ्या ने उन्हें पहले धक्का देकर गिराया और फिर नजदीक से दो-तीन गोलियां दाग दीं। गोलियों की चपेट में आने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। आसपास मौजूद कुछ लोगों ने आरोपी को पकडऩे की कोशिश की, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर वह जंगल की ओर भाग निकला।
एडिशनल एसपी डॉ. संजीव के अनुसार, प्रारंभ में मामला अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया था, लेकिन परिजनों से बातचीत और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की पहचान मौसेरे भाई सुशील आठ्या के रूप में हुई। आरोपी जबलपुर के पनागर से विशेष रूप से इस वारदात को अंजाम देने शाहगढ़ पहुंचा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। मोबाइल नंबर ट्रेसिंग और उसके कार्यस्थल से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घटना के बाद दीपशिखा के परिजन जबलपुर से शाहगढ़ पहुंचे। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। गुस्साए परिजनों ने सागर-कानपुर हाईवे पर चक्का जाम कर आरोपी सुशील आठ्या के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी लंबे समय से दीपशिखा को परेशान कर रहा था और उसी ने घटना को अंजाम दिया।
