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देशबजट से 'विकास, जनकल्याण और देश की सुरक्षा' की ध्वनि निकल रही

बजट से 'विकास, जनकल्याण और देश की सुरक्षा' की ध्वनि निकल रही

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1 फ़रवरी 2026, 04:00 pm IST
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मुंबई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेता इस बजट को देश के आम लोगों के लिए समर्पित बता रहे हैं। इस बीच शिवसेना नेता संजय निरुपम ने अपनी प्रतिक्रिया दी।


शिवसेना नेता संजय निरुपम ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी की सरकार का जो नया बजट है, उससे तीन शब्द की ध्वनि निकल रही है। पहला शब्द विकास, दूसरा शब्द जनकल्याण और तीसरा शब्द देश की सुरक्षा का है।"


उन्होंने कहा, "मैं विकास के संदर्भ में इतना ही कहना चाहूंगा कि इस बजट में 12 लाख करोड़ से ज्यादा पूंजीगत ढांचे पर खर्च करने का प्रस्ताव है, जिसका मतलब है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाया जा रहा है। इससे देश में विकास की गति तेजी से आगे बढ़ेगी। जब सरकार एक्सपेंडिचर बढ़ाती है, तो उससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है। जब ऐसा होता है, तो गरीब, कमजोर और मजदूर के स्तर पर काम करने वाले लोगों से लेकर बड़े-बड़े उद्योगपति या अधिकारी हों, उनकी जेब तक पैसा पहुंचता है। इससे पूरे भारत के मामले में तेजी से लिक्विडिटी बढ़ती है, जिसका लाभ सभी को मिलेगा और किसी की जेब ढीली नहीं होगी।"


संजय निरुपम ने कहा, "हिंदुस्तान के नौजवानों, महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों, मजदूरों और छोटे-छोटे उद्यमियों के लिए बड़े पैमाने पर कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की गई है। उन योजनाओं के लिए फंड भी बनाए गए हैं। ऐसे में निश्चित तौर पर यह बजट जनकल्याणकारी योजना के तौर पर दिख रहा है, जिसमें महिलाओं का भी कल्याण होगा और युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और बुजुर्ग अपने आप को सुरक्षित महसूस करेंगे।"


उन्होंने कहा, "कृषि क्षेत्र में सुधार लाने और विकास करने के लिए बहुत सारी अच्छी योजनाएं लाई गई हैं। छोटे और मध्यम वर्ग के उद्यमियों के कल्याण और विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपए का एक फंड एलॉट हुआ है। ऐसे में इससे एक सर्वसामान्य वर्ग के कल्याण की योजना दिख रही है। शहरों के कल्याण के लिए प्रत्येक शहर पर आने वाले वर्षों में 5,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ऐसे में सरकार का शहरीकरण के ऊपर बहुत ज्यादा ध्यान है।"


शिवसेना नेता ने कहा, "भारत की सीमाओं पर दुश्मन देशों की नजर पड़ी हुई है। ऐसे में देश के रक्षा बजट को और बढ़ाना, जिससे पूरा हिंदुस्तान सुरक्षित रहे, यह बहुत आवश्यक है। ऐसे में इस बार का रक्षा बजट करीब 7 लाख करोड़ रुपए के आसपास कर दिया गया है। पीएम मोदी ने जिस 'विकसित भारत' का सपना देखा है, इस बजट से हम उसे साकार होते हुए देख रहे हैं।"


--आईएएनएस

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