विकसित भारत की नींव है यह बजट, मध्य प्रदेश के विकास को लगेंगे पंख: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने वाला एक क्रांतिकारी कदम बताया है। इंदौर में बजट प्रसारण देखने और विशेषज्ञों के साथ संवाद करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट गरीब, युवा, किसान और महिलाओं जैसे समाज के चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि बजट की दिशा भारत को एक सशक्त आर्थिक शक्ति बनाने की है, जिसमें विनिर्माण और तकनीकी विकास को रणनीतिक महत्व दिया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, भारत को बायो-फार्मा हब बनाने और 1000 नए क्लीनिकल ट्रायल स्थल विकसित करने के निर्णय से देश के साथ-साथ मध्य प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र को भी नई मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने के निर्णय की सराहना करते हुए इसे मानवीय दृष्टिकोण वाला कदम बताया, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर इलाज का बोझ कम होगा। इसके अलावा, बुजुर्गों के लिए 'केयर इकोसिस्टम' और देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास बनाने के निर्णय को उन्होंने नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस और ऐतिहासिक कदम करार दिया। जिला अस्पतालों के उन्नयन (अपग्रेडेशन) से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई गई है।
मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास और रोजगार के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने टेक्सटाइल सेक्टर और कपास उत्पादक किसानों के लिए की गई घोषणाओं को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि मालवा-निमाड़ क्षेत्र में पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से पहले ही 3 लाख रोजगार सृजित करने की दिशा में काम चल रहा है और अब बजट में वस्त्र उद्योग के लिए किए गए सुधारों से वैश्विक स्तर पर भारतीय गारमेंट्स की मांग बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ प्रदेश के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को मिलेगा। इसके साथ ही, 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास के लिए ₹5000 करोड़ का प्रावधान और छोटे शहरों के तीर्थ स्थलों का विकास मध्य प्रदेश के शहरी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरातत्व और ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से खोलने और हजारों नए गाइडों की नियुक्ति से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मार्ग खुलेंगे। विदेशी पर्यटकों के लिए टैक्स में 2% की कटौती के निर्णय से वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भारत और विशेषकर मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों की साख बढ़ेगी। डॉ. यादव ने यह भी रेखांकित किया कि राज्यों को दिए जाने वाले ₹1,40,000 करोड़ के अनुदान से मध्य प्रदेश की विकास योजनाओं को गति मिलेगी। इंदौर में विद्वानों के साथ हुए संवाद का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग ने मुक्त कंठ से इस बजट की प्रशंसा की है, जो प्रदेश और देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।



