Tuesday, March 10, 2026

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मध्य प्रदेशभोपाल2000 होटल-रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडर का संकट, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन बाद बुकिंग

2000 होटल-रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडर का संकट, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन बाद बुकिंग

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PeptechTime
10 मार्च 2026, 12:56 pm IST
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भोपाल। ईरान-इजराइल (अमेरिका समर्थित) युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी सप्लाई प्रभावित होने से मध्य प्रदेश में भी संकट गहरा गया है। भोपाल में सोमवार से ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी गई है, जिससे शहर के लगभग 2000 होटल, रेस्टोरेंट और अन्य फूड बिजनेस पर गहरा असर पड़ रहा है। डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि प्लांट से सप्लाई जीरो हो गई है, जबकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थाओं को छूट दी गई है।


भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स (बीसीसीआई) ने तुरंत कलेक्टर से मुलाकात की और चेतावनी दी कि यदि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं बहाल हुई तो होटल-रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ सकती है। बड़े होटल और बार में एक बार में 10-15 सिलेंडर का इस्तेमाल होता है, जबकि छोटे प्रतिष्ठानों में 2-4 सिलेंडर लगते हैं। जिनके पास स्टॉक है, वे फिलहाल चल रहे हैं, लेकिन अगले दो दिनों में यह भी खत्म हो जाएगा। शादियों पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि मार्च में भोपाल और आसपास के इलाकों में 1000 से ज्यादा शादियां निर्धारित हैं और इनमें कमर्शियल सिलेंडर से ही बड़े पैमाने पर भोजन बनता है।


मंगलवार को भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने तीनों ऑयल कंपनियों, फूड कंट्रोलर, गैस एजेंसियों और व्यापारियों की बैठक बुलाई, जिसमें सप्लाई स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने बताया कि कल से कमर्शियल सिलेंडर जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसके अलावा, घरेलू गैस सिलेंडर पर भी सख्ती बढ़ गई है। पहले 15 दिन में बुकिंग होती थी, अब एक सिलेंडर डिलीवरी के 25 दिन बाद ही दूसरा बुक होगा। महीने में एक से ज्यादा सिलेंडर नहीं मिलेगा और बुकिंग रजिस्टर्ड मोबाइल पर ओटीपी से ही संभव होगी।


एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश में सवा करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता हैं और रोजाना हजारों सिलेंडर की सप्लाई होती है। भोपाल में रोज 15 हजार, इंदौर में 25 हजार और अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में सिलेंडर जाते हैं। हालांकि, घरेलू गैस की सप्लाई अभी सामान्य बताई जा रही है।


राज्य सरकार ने भी स्थिति पर नजर रखी हुई है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता पर लगातार निगरानी के निर्देश दिए। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी सोमवार से रोकी गई है, लेकिन प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक है और घरेलू गैस पर कोई कमी नहीं आएगी। युद्ध के हालातों का बड़ा असर नहीं पड़ेगा।


केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है और गैस को चार कैटेगरी में बांटा है। पहली कैटेगरी में घरेलू रसोई गैस (PNG) और CNG को पूरी सप्लाई मिलेगी। खाद कारखानों को 70 प्रतिशत, बड़े उद्योगों को 80 प्रतिशत और छोटे बिजनेस-होटलों को पुरानी खपत के आधार पर 80 प्रतिशत गैस दी जाएगी।


संकट से निपटने के लिए सरकार ने हाई-लेवल कमेटी गठित की है, रिफाइनरीज को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है, घरेलू बुकिंग नियम सख्त किए हैं, ओटीपी-बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया है और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने की आशंका जताई है। फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन रसोई गैस पर ज्यादा फोकस है। स्थिति की समीक्षा जारी है और जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है।

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