बागेश्वर महाराज ने पंचम दिवस सुनाई भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा

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छतरपुर। सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में बुंदेलखंड के महाकुंभ के रूप में सप्तम कन्या विवाह है महोत्सव आयोजित हो रहा है महोत्सव के मध्य में श्रीमद् भागवत महापुराण भी सुनने का अवसर मिल रहा है। कथा के पंचम दिवस भगवान श्री कृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब धरती में चारों तरफ अन्याय, अत्याचार होने लगता है, धर्म की बात करने वालों के प्राणों पर संकट आ जाता है तब तीनों लोकों की रक्षा करने वाले भगवान अवतार लेते हैं। भगवान के जन्म की कथा के दौरान कथा श्रवण करने वाले हजारों धर्म प्रेमी उत्साह से नृत्य करने लगे। महाराज श्री अत्यंत मनमोहक गीत सुनाते हुए कहा कि जब भक्तों पर अपार दुख होता है और भक्त रक्षा के लिए भगवान का आह्वान करता है तब भगवान दौड़े चले आते हैं।
पंचम दिवस की कथा में पहुंचे माधव दास मोनी महाराज, जगतगुरु विजयराम देवाचार्य, अभिनंदन महाराज, अनंत जी महाराज, अवधेश दास महाराज, आचार्य राजा पांडे, बद्रीनाथ वाले महाराज ने ने अपने आशीर्वचनों से श्रद्धालुओं को अभिभूत किया। बागेश्वर महाराज ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि कंस अपनी चचेरी बहन देवकी को बहुत चाहता था। उसके विवाह के बाद जब आकाशवाणी हुई कि देवकी का आठवां पुत्र ही उसकी मौत के रूप में धरती पर आएगा तो उसने मृत्यु के भय से अपनी बहन की ही मौत का कारण बनने लगा लेकिन वसुदेव महाराज ने कहा कि देवकी की सभी संतानों को वह कंस को सौंपने का वचन देते हैं ऐसा वचन देने पर ही कंस ने देवकी को जीवित छोड़ा। भगवान के जन्म के अवसर पर धर्म प्रेमियों ने न केवल बधाई गीतों को सुना बल्कि बधाई लूटी। इस अवसर पर शिवदत्त महाराज, वासुदेव महाराज, एक निष्ठानंद महाराज, गोपाल दास महाराज, आचार्य लोमेश गर्ग महाराज, पुरुषोत्तम दास महाराज, राम मनोहर दास महाराज, रामदास महाराज, कृपा शंकर महाराज, जनार्दन दास महाराज सहित संत वृंद उपस्थित हुए।
आज बागेश्वर धाम आएंगे असम के महामहिम
बागेश्वर धाम में चल रहे सप्तम कन्या विवाह महोत्सव के पावन अवसर पर देश-विदेश से अतिथियों के आने का सिलसिला लगातार चल रहा है। बुधवार को असम के राज्यपाल महामहिम लक्ष्मण प्रसाद आचार्य बागेश्वर धाम आ रहे हैं। मिनट टु मिनट की जानकारी के अनुसार महामहिम सुबह 9 बजे असम से दिल्ली के लिए निकलेंगे जहां वे 9:30 बजे पहुंचेंगे। 10 बजे दिल्ली से इंडिगो की फ्लाइट से खजुराहो आएंगे। 11:15 बजे खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचकर वहां से वे सर्किट हाउस खजुराहो में कुछ देर विराम करने के पश्चात दोपहर 12:15 बजे बागेश्वर धाम आएंगे। महामहिम बालाजी के दर्शन करने के पश्चात बागेश्वर महाराज से भेंट करेंगे। दोपहर 2:15 बजे वे छतरपुर रेलवे स्टेशन के लिए रवाना होंगे जहां से वे 3:15 बजे वंदे भारत एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए निकल जाएंगे।
महाकुंभ की तर्ज पर धाम में बनाए गए तोरण द्वार
गत वर्ष प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के अवसर पर समूचे मेला क्षेत्र में तोरण द्वार बनाए गए थे। चूंकि बागेश्वर धाम में कन्या विवाह महोत्सव भी बुंदेलखंड का महाकुंभ है। इसलिए महाकुंभ की तर्ज पर बागेश्वर धाम में 12 तोरण द्वार बनाए गए हैं। धाम में शिव पार्वती द्वारा से प्रवेश होगा इसके पश्चात अन्य तोरण द्वारों से होते हुए पूरे मेला क्षेत्र में पहुंचना होगा। चार धाम के नाम से केदारनाथ, द्वारकाधीश, बद्रीनाथ द्वार तैयार किए गए हैं। इसके अलावा श्री गणेश उपहार द्वार, रामेश्वरम द्वार, श्री सीताराम द्वार, दादा गुरु द्वार, राधा कृष्ण द्वार और अन्नपूर्णा महाप्रसाद द्वार जैसे तोरण द्वार बनाकर मेला क्षेत्र को सजाया गया है।
नन्ही बेटियों ने पीले चावल के साथ दिया विवाह का न्यौता
बागेश्वर धाम के कन्या विवाह महोत्सव का निमंत्रण एक-एक व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है बागेश्वर महाराज ने बुंदेलखंड के महाकुंभ में सबसे हाजिरी लगाने का आग्रह किया है। जिला मुख्यालय में भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष बॉबी राजा की बेटी रिद्धि सिद्धि ने लोगों के घर-घर जाकर पीले चावल भेंट करते हुए विवाह का न्यौता दिया। बेटियों का कहना है कि जब महाराज जी इतना कार्य कर रहे हैं तो कुछ सेवा उनकी तरफ से भी हो जाए। नन्ही बेटियों ने बागेश्वर धाम कन्या विवाह महोत्सव में शामिल होने के लिए लोगों से आग्रह भी किया है।
