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मध्य प्रदेशभोपालमध्य प्रदेश 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर: राज्यपाल पटेल

मध्य प्रदेश 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर: राज्यपाल पटेल

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16 फ़रवरी 2026, 12:26 pm IST
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भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत करते हुए कहा कि राज्य विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर है। साथ ही, वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प को पूरा करने के लिए कदम उठा रही है।


राज्य विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हुआ। इस मौके पर राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने अपने अभिभाषण में कहा कि विधानसभा में 17 दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने पर विचार करने के लिए आयोजित विधानसभा के सत्र में कार्रवाई 12 घंटे तक चली। इस दौरान सदस्यों की ओर से निभाई जा रही जिम्मेदारियां, आदर्श भूमिका और हमारी प्रतिबद्धता लोकतंत्र को निरंतर मजबूत और जीवंत बनाती है।



राज्यपाल पटेल ने आगे कहा कि वर्तमान दौर महत्वपूर्ण है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत काल की संज्ञा दी है। इसी अमृत काल में राज्य सरकार ने दीर्घकालिक और समग्र विकास की ठोस नींव रखते हुए समृद्ध मध्य प्रदेश 2047 दृष्टि पत्र तैयार किया है। यह केवल एक नीतिगत दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश वासियों की सहभागिता, सुझावों और आकांक्षाओं से उपजा एक सामूहिक संकल्प है, जो वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश को एक समृद्ध समावेशी और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करेगा।



उन्होंने कहा कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त और प्रगतिशील बनाते हुए जीएसडीपी को 250 लाख करोड़ रुपए से अधिक तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है, ताकि प्रदेश राष्ट्रीय विकास का प्रमुख आधार बन सके। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने साल 2025 को उद्योग रोजगार वर्ष के रूप में मनाया। इस वर्ष प्रदेश में औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। निवेश संवर्धन के लिए वर्ष 2025 में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट, रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, राष्ट्रीय रोड शो और अंतरराष्ट्रीय रोड शो आयोजित किए गए। इनमें 11 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे प्रदेश में नए रोजगार के अवसर संभावित हैं।



अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के संकल्प के साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र को सुदृढ़ कर रही है। निवेश अनुकूल नीतियों और मजबूत औद्योगिक संरचना के माध्यम से प्रदेश में एमएसएमई इकोसिस्टम का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।



राज्य में नक्सलवाद के खात्मे का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से वामपंथी उग्रवाद एक दीर्घकालिक चुनौती रहा है। मध्य प्रदेश के कुछ जिले भी विगत 35 वर्ष से इस समस्या से प्रभावित थे। सरकार ने दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति, सशक्त रणनीति और मध्य प्रदेश पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयास से दिसंबर 2025 तक प्रदेश को पूरी तरह से नक्सल मुक्त कर ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है।



राज्यपाल पटेल ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। राज्य में जन सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखने के लिए सरकार संवाद के माध्यम से धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के अनियंत्रित उपयोग को नियंत्रित कर रही है। पर्व, त्यौहार, आंदोलन और अन्य अवसरों पर न पुलिस की सतर्कता से प्रदेश में सांप्रदायिक सदभाव बना रहा है और कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।



राज्य में किसानों के लिए चलाए जा रहे अभियानों का जिक्र करते हुए राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्ष 2026 को 'समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश' की समावेशी थीम पर किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। कृषि और संबद्ध क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से तीन वर्षीय कार्य योजना के अनुरूप वर्षवार विधिवत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।



उन्होंने कहा कि राज्य में प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया गया। वहीं उर्वरकों की समय पर व पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ई-विकास लागू किया है। पशुपालन को केवल जीवन निर्वाह का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक समृद्धि का आधार बनाने का संकल्प लिया गया है। इस दिशा में प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लिए कई अभिनव योजनाएं प्रारंभ की गई हैं।



राज्यपाल ने कहा कि राज्य में जल संरक्षण के क्षेत्र में जल गंगा संवर्धन अभियान और अमृत सरोवर निर्माण के तहत 86 हजार से अधिक तालाब बनाए गए हैं और इससे किसान आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित हुई है। राज्य सरकार की ओर से स्वच्छता के क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 99 प्रतिशत से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस बनाया गया है।

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