Tuesday, February 17, 2026

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विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पहुंचे प्रेमानंद महाराज के आश्रम

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17 फ़रवरी 2026, 09:09 am IST
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भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली मंगलवार सुबह पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। दोनों सुबह करीब 6 बजे केली कुंज आश्रम पहुंचे और लगभग एक घंटे तक सत्संग में शामिल रहे। इस दौरान वे भक्तों के बीच हाथ जोड़कर शांत भाव से बैठे रहे। सत्संग के बाद दोनों ने महाराज से आशीर्वाद लिया। उनकी बेटी वामिका इस दौरान साथ नहीं थीं।


बताया जा रहा है कि विराट और अनुष्का सोमवार शाम दिल्ली से वृंदावन पहुंचे थे और एक होटल में ठहरे। मंगलवार सुबह वे तय समय से पहले ही आश्रम पहुंच गए और अन्य श्रद्धालुओं के साथ सत्संग में शामिल हुए। दर्शन के बाद दोनों उसी दिन दिल्ली लौट गए।


ट्रैफिक में फंसी गाड़ी, उमड़ी प्रशंसकों की भीड़

वापसी के दौरान आश्रम के बाहर उनकी गाड़ी ट्रैफिक जाम में फंस गई। विराट की मौजूदगी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए करीब 15 मिनट में रास्ता साफ कराया, तब जाकर उनकी गाड़ी आगे बढ़ सकी।


सत्संग में दीक्षा और शरणागति पर चर्चा

सत्संग के दौरान प्रेमानंद महाराज ने दीक्षा और पूर्ण शरणागति के अंतर को समझाया। उन्होंने कहा कि दीक्षा, पूर्ण शरणागति की पहली सीढ़ी है। सच्ची शरणागति वह अवस्था है, जब व्यक्ति अपने जीवन का संपूर्ण भरोसा प्रभु पर छोड़ देता है और हर कार्य को भगवान की सेवा मानकर करता है।


उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे महाभारत में अर्जुन के रथ के सारथी स्वयं भगवान श्रीकृष्ण थे। अर्जुन की पूर्ण शरणागति के कारण ही भगवान ने उनके जीवन की दिशा संभाली।


कंठी माला को लेकर चर्चा

16 दिसंबर 2025 को विराट और अनुष्का के गले में तुलसी की कंठी माला नजर आई थी। उस समय यह दावा किया गया था कि दोनों ने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली है, क्योंकि वैष्णव परंपरा में दीक्षा के बाद गुरु द्वारा कंठी माला दी जाती है। हालांकि केली कुंज आश्रम की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।


उसी दिन अनुष्का शर्मा ने महाराज से कहा था, “महाराज जी, हम आपके हैं और आप हमारे।” इस पर प्रेमानंद जी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “हम सब श्रीजी के हैं। आनंदपूर्वक रहो, भगवान के आश्रित रहो। अपने काम को भगवान की सेवा समझो। जब तक भगवान न मिलें, यात्रा रुकनी नहीं चाहिए।”


इस आध्यात्मिक यात्रा को लेकर उनके प्रशंसकों में भी खास उत्साह देखा गया।

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