खजुराहो कार्निवाल में हुआ लोकनृत्यों का रंगारंग प्रदर्शन

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खजुराहो,तुलसीदास सोनी। मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक स्थल खजुराहो में 52वें खजुराहो नृत्य महोत्सव के साथ पहली बार आयोजित खजुराहो कार्निवाल का शुभारंभ शुक्रवार को धूमधाम से हुआ। शिल्पग्राम में आयोजित इस कार्निवाल में भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समर्पित विभिन्न गतिविधियां चल रही हैं। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर के सहयोग से आयोजित इस उत्सव में देश के 17 राज्यों की लोक एवं जनजातीय कलाएं प्रदर्शित हो रही हैं।
कार्निवाल के पहले दिन विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। झारखंड का घोड़ा लोकनृत्य, महाराष्ट्र का ढोल ताशा और लावणी नृत्य, सोंगी मुखौटा, मध्य प्रदेश की बधाई एवं राई, तेलंगाना की पारंपरिक प्रस्तुतियां, साथ ही पेरिना शिवतांडव, ओग्गुकथा एवं ओग्गुडोलु जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां हुईं। इन प्रदर्शनों ने भारतीय लोककला की विविधता और समृद्धि को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने खजुराहो कार्निवाल फेस्टिवल और नटराज प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह उत्सव भारतीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस अवसर पर खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया, खजुराहो नगर परिषद अध्यक्ष अरुण कुमार उर्फ पप्पू अवस्थी, राजनगर नगर परिषद अध्यक्ष जीतेन्द्र वर्मा सहित भाजपा के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
खजुराहो कार्निवाल 18 से 26 फरवरी 2026 तक शिल्पग्राम एवं मेला ग्राउंड में चल रहा है, जो मुख्य खजुराहो नृत्य महोत्सव (20-26 फरवरी) के साथ समानांतर आयोजित हो रहा है। यह कार्निवाल लोक कलाओं, हस्तशिल्प, व्यंजनों और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा मिश्रण पेश कर रहा है, जो पर्यटकों और कला प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हो रहा है।
