MP की वोटर लिस्ट पर 'डिजिटल स्ट्राइक': एक झटके में साफ हुए 34 लाख नाम; निर्वाचन आयोग ने जारी किया नया सियासी गणित

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भोपाल (जीतेन्द्र यादव)। मध्य प्रदेश में अब चुनावी बिसात नए और शुद्ध आंकड़ों के साथ बिछेगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने शनिवार को 'एसआईआर' (SIR) प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन कर दिया है।
निर्वाचन आयोग के 'डिजिटल फिल्टर' ने इस बार सूची में ऐसी बड़ी सफाई की है कि प्रदेश में एक साथ करीब 34 लाख मतदाताओं के नाम कम हो गए हैं। दावे और आपत्तियों के लंबे दौर के बाद अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 065 तय की गई है, जो आगामी चुनावों में प्रदेश की सत्ता का फैसला करेंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि इस बार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डेटा का शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण किया गया है। आयोग को शुरुआती दौर में कुल 5,74,06,143 मतदाताओं का डेटा प्राप्त हुआ था, जिनमें से 5,31,31,983 मतदाताओं से भौतिक गणना पत्र हासिल किए गए।
इन गणना पत्रों की गहन जांच, दोहरी प्रविष्टियों के मिलान और मृत या शिफ्ट हो चुके मतदाताओं की छंटनी के बाद सूची में यह बड़ी कटौती देखने को मिली है। संजीव कुमार झा ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य के सफल संपादन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों, बीएलओ, मीडिया और राजनैतिक दलों के सहयोग की सराहना करते हुए प्रदेश की जनता को इस लोकतांत्रिक सुदृढ़ीकरण के लिए बधाई दी है।
नए आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश के कुल 5.39 करोड़ मतदाताओं में पुरुषों और महिलाओं के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। प्रदेश में अब कुल 2 करोड़ 89 लाख 04 हजार 975 पुरुष मतदाता हैं, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 60 लाख 75 हजार 186 दर्ज की गई है। वहीं, प्रदेश में थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 904 है।
आयोग का मानना है कि इस डिजिटल शुद्धिकरण के बाद अब वोटर लिस्ट पूरी तरह सटीक है, जिससे बोगस वोटिंग पर लगाम लगेगी और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और अधिक बढ़ेगी।
