सनसनीखेज हत्याकांड में कोर्ट का कड़ा फैसला
कमरे के अंदर लाश छोड़कर छत से कूदकर भागा था कातिल प्रीतम रैकवार
पन्ना। पन्ना जिले के बेनीसागर मोहल्ले में साल भर पहले हुए उस रूह कंपा देने वाले हत्याकांड का अंत आखिरकार सलाखों के पीछे हुआ है, जिसने रिश्तों के विश्वास को तार-तार कर दिया था। जिस प्रीतम रैकवार को परिवार ने अपनी लाडली तनिशा उर्फ तनु के लिए जीवनसाथी चुना था, वही उसका काल बन गया। इस सनसनीखेज मामले में माननीय प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र मेश्राम की अदालत ने आरोपी प्रीतम रैकवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों ने यह साबित कर दिया कि प्रेम और सगाई के रिश्ते के बीच शक का ऐसा जहर घुला कि एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
इस पूरी वारदात की हकीकत किसी फिल्मी पटकथा से कम खौफनाक नहीं थी। 16 जनवरी 2024 की दोपहर जब मृतिका का भाई रोहित घर पहुंचा और बहन के कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बिस्तर पर उसकी बहन बेसुध पड़ी थी और कोने में मंगेतर प्रीतम घबराया हुआ खड़ा था। भाई को देखते ही कातिल प्रीतम छत के रास्ते कूदकर फरार हो गया, लेकिन पीछे छोड़ गया अपनी मंगेतर की बेजान देह। जांच में सामने आया कि प्रीतम को तनिशा पर किसी और से बात करने का शक था, और इसी सनक में उसने उसी के दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी जान ले ली। पन्ना कोतवाली पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साक्ष्य जुटाए और आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर दुपट्टे से हत्या की बात साबित की।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से वरिष्ठ सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीराम यादव ने साक्ष्यों को इतनी मजबूती से रखा कि आरोपी का बच निकलना नामुमकिन हो गया। शासन ने इस प्रकरण को 'सनसनीखेज एवं चिन्हित' श्रेणी में रखा था, जिसके चलते इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी। अदालत ने आरोपी के इस कृत्य को गंभीरतम श्रेणी का मानते हुए उसे उम्रकैद की सजा से दंडित किया। यह फैसला समाज में उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो रिश्तों की गरिमा को ताक पर रखकर कानून अपने हाथ में लेते हैं। बेनीसागर मोहल्ले के उस सूने घर को शायद अब इंसाफ की मरहम मिली है, लेकिन प्रीतम के इस खौफनाक कदम ने एक मासूम की जिंदगी और दो परिवारों के भविष्य को हमेशा के लिए अंधेरे में धकेल दिया।



