छतरपुर। जिला स्तरीय जनसुनवाई में मंगलवार को एक भूतपूर्व सैनिक ने अपनी व्यथा सुनाते हुए न्याय की अपील की है। देश की सीमाओं पर तैनात रहकर वर्षों तक सेवा करने वाले इस सेवानिवृत्त सैनिक का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति का अनुचित लाभ उठाते हुए उनके ही सगे भाई ने पैतृक कृषि भूमि का फर्जी तरीके से बंटवारा कर लिया।
नौगांव जनपद के ग्राम कीरतपुरा निवासी भूतपूर्व सैनिक गौरीशंकर त्रिपाठी ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में बताया कि वह वर्ष 2007 में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले से सेवानिवृत्त हुए थे। अपनी सेवा के दौरान वे लंबे समय तक घर से बाहर रहे, जिसका फायदा उठाकर उनके भाई रमेश जो कि स्वयं सचिव के पद पर कार्यरत थे, ने फर्जी प्रस्ताव डालकर पैतृक भूमि का छल-कपट से बंटवारा कर लिया।
गौरीशंकर त्रिपाठी ने इस फर्जी बंटवारे को निरस्त कराने हेतु अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) छतरपुर के समक्ष मार्च 2025 में अपील दायर की थी, लेकिन यह प्रकरण अब भी लंबित है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि उत्तरवादी पक्ष अधिकारियों से सांठ-गांठ कर निर्णय को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील प्रकरण क्रमांक 0892 का शीघ्र निराकरण कराने की मांग की है ताकि उन्हें न्याय मिल सके और वे अपनी पैतृक संपत्ति वापस पा सकें। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि एक सैनिक की त्याग और सेवा का सम्मान करते हुए उनके साथ हुए इस छल का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

