भोपाल,जीतेंद्र यादव ।भोपाल में इस बार ईद का त्योहार शिया समुदाय के लिए गम और आक्रोश के बीच बीता। ईरान पर हमले और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर से नाराज शिया समुदाय ने “काली ईद” मनाई। शहर की फतेहगढ़ मस्जिद में ईद की नमाज के दौरान गमगीन माहौल देखने को मिला। नमाज के लिए पहुंचे लोगों ने काली पट्टी बांधकर और पुराने कपड़े पहनकर अपना विरोध जताया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के चेहरों पर दुख और गुस्सा साफ नजर आया।
नमाज के बाद खुतबे के दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। “अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद” के नारों से मस्जिद परिसर गूंज उठा। शिया समुदाय के लोगों ने कहा कि उनके “सुप्रीम लीडर को मारा गया है”, जिससे वे बेहद आहत हैं। यही कारण है कि ईद जैसे खुशी के त्योहार पर भी उन्होंने गम और विरोध के साथ “काली ईद” मनाई।
जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश में शिया समुदाय की संख्या करीब 10 हजार है, जिनमें से लगभग 4 हजार लोग भोपाल में निवास करते हैं। इसके अलावा इंदौर, रतलाम, सारंगपुर और बुरहानपुर जैसे शहरों में भी शिया समुदाय मौजूद है।
इस बार ईद की खुशियों पर गम का साया साफ तौर पर देखने को मिला, जहां त्योहार की रौनक की जगह आक्रोश और शोक का माहौल हावी रहा।

