छतरपुर/मंदसौर। शनिवार को मध्यप्रदेश के दो अलग-अलग शहरों में टोल प्लाजा पर वाहनों में आग लगने के मामले सामने आए हैं। पहला मामला मंदसौर जिले से सामने आया, जहां एक मारूती वैन आग का गोला बन गई। वहीं दूसरा मामला छतरपुर जिले का है, जहां एक डंफर वाहन जलकर खाक हो गया है। गनीमत रही कि दोनों हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई।


प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदसौर जिले के महू-नीमच हाईवे स्थित पिपलिया मंडी टोल प्लाजा पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मारुति वैन अचानक आग का गोला बन गई। टोल गेट पर पहुंचती ही वैन से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं, जिससे वहां मौजूद लोगों और कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। कार में आग लगते ही सवार लोगों ने बिना देरी किए गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि सभी यात्री समय रहते बाहर निकल आए, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। आग इतनी भीषण थी कि वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालक भी मंजर देखकर दंग रह गए। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर फाइटर की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि मारुति वैन में गैस किट लगी हुई थी, जिसे आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


दूसरी घटना छतरपुर के एनएच-39 झांसी-खजुराहो मार्ग पर स्थित बमीठा थाना अंतर्गत देवगांव टोल प्लाजा पर हुई, जहां एक चलता हुआ ट्रक अचानक आग का गोला बन गया। ट्रक में आग लगते ही चालक ने फुर्ती दिखाते हुए नीचे कूदकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि करीब एक घंटे तक ट्रक धू-धू कर जलता रहा। इस दौरान हाईवे और टोल प्लाजा पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। गनीमत यह रही कि आग ट्रक के डीजल टैंक तक नहीं पहुंची, जिससे एक बहुत बड़ा धमाका और जनहानि होने से टल गई। इस घटना ने टोल प्लाजा की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह रही कि करोड़ों रुपये की टोल वसूली करने वाले इस प्लाजा पर आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। अंततः स्थानीय निवासियों और टोल कर्मचारियों ने निजी संसाधनों और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस लापरवाही को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।