किसानों का इंतजार खत्म, फरवरी में मिल सकती है पीएम किसान की 22वीं किस्त...?

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े करोड़ों किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जनवरी में भले ही 22वीं किस्त जारी नहीं हो सकी हो, लेकिन फरवरी महीने में किसानों के खातों में यह राशि ट्रांसफर होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसका लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने समय रहते सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हों।
केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक सहारा देना है।
क्यों बढ़ा 22वीं किस्त का इंतजार
पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त नवंबर महीने में जारी की गई थी। इसके बाद से ही किसान अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। जनवरी में किस्त न आने से कई किसानों में असमंजस की स्थिति बनी, लेकिन अब माना जा रहा है कि फरवरी में चार महीने की तय अवधि पूरी होते ही 22वीं किस्त जारी की जा सकती है।
फरवरी में आने की संभावना क्यों
योजना के तहत हर किस्त आमतौर पर चार-चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती है। नवंबर के बाद फरवरी वह समय है, जब अगली किस्त का भुगतान किया जाता है। पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए भी अधिकतर किस्तें इसी समय-सारिणी के अनुसार जारी हुई हैं।
किसानों के लिए जरूरी औपचारिकताएं
22वीं किस्त पाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी—
ई-केवाईसी कराना अनिवार्य
भूमि सत्यापन समय पर पूरा होना जरूरी
बैंक खाते में डीबीटी सुविधा सक्रिय हो
आधार, बैंक और भूमि रिकॉर्ड सही तरीके से लिंक होना चाहिए
इनमें किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर किस्त अटक सकती है।
किस्त अटकने से कैसे बचें
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपनी स्थिति की जांच करें। अगर कोई गलती या अधूरी जानकारी हो, तो तुरंत उसे ठीक कराएं, ताकि भुगतान में देरी न हो।
योजना का महत्व
महंगाई और खेती की बढ़ती लागत के बीच पीएम किसान योजना किसानों के लिए बड़ा सहारा बन चुकी है। हर चार महीने में मिलने वाली यह राशि बीज, खाद और अन्य जरूरी खर्चों में मददगार साबित होती है। फरवरी में संभावित 22वीं किस्त से एक बार फिर करोड़ों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
