मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदला हुआ नजर आ रहा है। बीते 24 घंटों के दौरान जबलपुर, बुरहानपुर और नर्मदापुरम में हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि अन्य जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रही। रविवार सुबह कई शहरों में हल्का कोहरा भी छाया रहा। बदले मौसम के कारण तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। फिलहाल आज बारिश का कोई चेतावनी संदेश जारी नहीं किया गया है, हालांकि सोमवार को कुछ जिलों में वर्षा की संभावना जताई गई है।
प्रदेश में सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ में 11.0, उमरिया में 13.4, रतलाम और खजुराहो में 13.6 तथा मलाजखंड में 13.8 डिग्री तापमान रहा। अधिकांश शहरों में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों में बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है।
राजधानी भोपाल में इन दिनों रातें ठंडी और दिन गर्म बने हुए हैं। वर्ष 2014 से 2024 के बीच चार वर्षों में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया, जबकि सात वर्षों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है।
इंदौर में फरवरी माह में सामान्यतः वर्षा का रुझान नहीं रहता। वर्ष 2014 और 2015 में हल्की बूंदाबांदी जरूर हुई थी। यहां दिन का अधिकतम तापमान प्रायः 30 डिग्री से ऊपर रहता है। वर्ष 2019 में तापमान 35 डिग्री तक पहुंच गया था, जबकि रात में पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज होता है।
ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का रुझान रहता है, जिसका मुख्य कारण उत्तरी हवाओं का सीधा प्रभाव है। 4 फरवरी 2018 को यहां न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2019, 2022 और 2023 में भी पारा 3 डिग्री से नीचे रहा। पिछले वर्ष फरवरी में यहां वर्षा भी हुई थी और इस बार महीने की शुरुआत में ही बारिश दर्ज की गई।
जबलपुर में भी मौसम परिवर्तनशील रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का तापमान 30 डिग्री से अधिक हो जाता है, जबकि रात में यह लगभग 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में वर्षा का रुझान भी देखा गया है और पिछले दस वर्षों में छह बार बारिश हो चुकी है।
वहीं उज्जैन में गर्मी, ठंड और हल्की वर्षा का मिश्रित प्रभाव देखने को मिलता है। दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक और रात का न्यूनतम पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज होता है, हालांकि फरवरी में यहां वर्षा सामान्यतः कम होती है।

