Wednesday, February 4, 2026

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विदेशएस जयशंकर का तीन दिवसीय अमेरिका दौरा, महत्वपूर्ण खनिज को लेकर मंत्रियों की बैठक में लेंगे हिस्सा

एस जयशंकर का तीन दिवसीय अमेरिका दौरा, महत्वपूर्ण खनिज को लेकर मंत्रियों की बैठक में लेंगे हिस्सा

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2 फ़रवरी 2026, 09:09 am IST
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नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री (ईएएम) डॉ. एस. जयशंकर सोमवार को अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर जाएंगे। ईएएम अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल मीटिंग में हिस्सा लेंगे।


एमईए ने कहा, "विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। वे अमेरिका में आयोजित हो रही क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल मीटिंग में हिस्सा लेंगे। यह मीटिंग अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई है। यह मीटिंग सप्लाई चेन रेजिलिएंस, क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और क्रिटिकल मिनरल्स में स्ट्रेटेजिक कोऑपरेशन पर फोकस करेगी। इस दौरे में एस जयशंकर अमेरिकी सरकार के सीनियर सदस्यों के साथ भी मीटिंग करेंगे।"


पिछले हफ्ते ईएएम जयशंकर ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में मुलाकात की थी और दोनों देशों के संबंधों के कई पहलुओं पर चर्चा की। गोर का स्वागत करते हुए डॉ. जयशंकर ने भरोसा जताया कि वह भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद करेंगे।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, "नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत में हमारी पार्टनरशिप के कई पहलुओं पर बात हुई। उनका स्वागत किया और भरोसा जताया कि वह भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में मदद करेंगे।"


जयशंकर ने 25 जनवरी को नई दिल्ली में सर्जियो गोर के साथ माइक रोजर्स, एडम स्मिथ और जिमी पैट्रोनिस वाले अमेरिकी कांग्रेसनल डेलीगेशन से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हो रहे विकास और यूक्रेन विवाद पर चर्चा की।


इससे पहले उन्होंने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से 13 जनवरी को टेलीफोनिक बातचीत भी की थी। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, ट्रेड बातचीत और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित सहयोग के मुख्य क्षेत्रों की समीक्षा की। इसके बाद एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "ट्रेड, जरूरी मिनरल्स, न्यूक्लियर कोऑपरेशन, डिफेंस और एनर्जी पर चर्चा हुई। इन और दूसरे मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमत हुए।"


फोन पर रुबियो ने भारत को ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल के लिए सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी बिल (परमाणु ऊर्जा के सतत दोहन एवं विकास बिल/ शांति) लागू करने पर बधाई दी। अमेरिकी राज्य विभाग के प्रिंसिपल उपप्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि यह एक हालिया कानून है, जो भारत के न्यूक्लियर एनर्जी फ्रेमवर्क का हिस्सा है।


--आईएएनएस

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