छतरपुर। जिले के नौगांव में जब तापमान ने 1 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक स्तर को छुआ, तो प्रशासन और विभाग के लिए इन आंकड़ों पर यकीन करना मुश्किल हो गया। सालों से मध्य प्रदेश के सबसे ठंडे शहर का खिताब रखने वाले नौगांव की ठंड इस बार विभाग की फाइलों में संदिग्ध मान ली गई है।
दरअसल नौगांव में रविवार और सोमवार को पड़ी भीषण ठंड के बाद जब न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, तो सागर स्थित मौसम कार्यालय ने इसे तकनीकी त्रुटि करार देते हुए तापमापी मशीन को ही तलब कर लिया। विभाग का तर्क है कि तापमान में इतनी गिरावट संभव नहीं है, जबकि स्थानीय निवासी दोपहर तक छाए घने कोहरे के बीच इस हाड़ कंपाने वाली ठंड को सीधे तौर पर महसूस कर रहे हैं। सरकारी मशीनरी पर कटाक्ष करते हुए लोगों का कहना है कि अब ठंड केवल उनके अनुभव में बची है, कागजों में नहीं। जब तक मशीन सुधरकर वापस नहीं आती, तब तक नौगांव की रिकॉर्ड तोड़ ठंड का कोई सरकारी गवाह नहीं होगा।

