कोलकाता। शौकिया रेडियो ऑपरेटरों (एचएम) को पश्चिम बंगाल की एक मानसिक रूप से बीमार महिला को उसके परिवार से मिलाने में मुश्किल हो रही है, जिसे उन्होंने मुंबई में खोजा था।

रिश्तेदारों के अनुसार, 20 वर्षीय बेटे और 16 वर्षीय बेटी की मां इस महिला का मानसिक संतुलन पति द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बाद बिगड़ गया। इसके बाद, वह घर से भागने लगी।

पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब (डब्ल्यूबीआरसी) के सचिव अंबरीश नाग बिस्वास ने बताया कि लगभग छह साल पहले, उसे गुजरात में खोजा गया और पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के उलुबेरिया के गंगारामपुर स्थित उसके ससुराल वापस लाया गया। उसके पति या ससुराल वालों ने उसका इलाज नहीं कराया और वह फिर से लापता हो गई।

डब्ल्यूबीआरसी शौकिया रेडियो ऑपरेटरों का एक संगठन है, जिसका देश भर में व्यापक नेटवर्क है।

यह संस्था चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान वैकल्पिक संचार नेटवर्क बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करती है और पुलिस द्वारा बचाए गए मानसिक रूप से बीमार लोगों को उनके परिवारों से मिलाने में भी मदद करती है।

कुछ साल पहले, पुणे के शिवाजी नगर स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक महिला को देखा।

उसे कुछ लोगों ने नशीली दवा दी थी, जो उसकी तस्करी करने की कोशिश कर रहे थे।

अपराधियों को पकड़ा तो नहीं जा सका, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उसे बचा लिया और अस्पताल में भर्ती कराया।

इसके बाद अदालत ने उसे मुंबई में ऐसी महिलाओं के लिए बने एक आश्रय गृह में भेज दिया, जहां वह लगभग 10 साल तक रही।

नाग बिस्वास ने कहा कि चूंकि वह बांग्ला बोलती थी, इसलिए गृह अधिकारियों, मुंबई पुलिस और अन्य लोगों ने डब्ल्यूबीआरसी से संपर्क किया और हमसे उसके परिवार का पता लगाने का अनुरोध किया। हमने काम शुरू किया और गंगा रामपुर में उसके परिवार का पता लगाया। महिला की तस्वीरें और वीडियो देखकर उसकी बेटी बेहद खुश हुई। हालांकि, पति और अन्य ससुराल वालों ने उसे वापस लेने से इनकार कर दिया है।

परिवार का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि घर से लापता होने के दौरान वह क्या कर रही थी।

संगठन ने महिला के भाई से भी संपर्क किया, लेकिन वह भी उसे स्वीकार करने के लिए ज्यादा उत्सुक नहीं दिखा।