दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने की सरगर्मियों के बीच मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को यहाँ एक बहुत बड़ा झटका लगा है। क्षेत्र में चुनावी तारीखों के एलान से पहले ही दलबदल का खेल शुरू हो गया है, जिसने जिले की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है। कांग्रेस के कद्दावर युवा नेता राजबहादुर के नेतृत्व में 500 से अधिक सक्रिय कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी का 'हाथ' छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर ली है।


पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिलाई सदस्यता, विकास से प्रभावित हुए कार्यकर्ता

दतिया के इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने खुद सभी कार्यकर्ताओं और युवा नेता राजबहादुर को भाजपा का अंगवस्त्र पहनाकर पार्टी की सदस्यता दिलाई। भाजपा में शामिल होने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने स्पष्ट किया कि वे और उनके तमाम साथी डॉ. नरोत्तम मिश्रा की कार्यशैली और उनके द्वारा दतिया जिले में कराए गए चहुंमुखी विकास कार्यों से गहराई से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान की रक्षा के लिए ही उन लोगों ने नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है।


पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती पर प्रताड़ना और अनदेखी के गंभीर आरोप

भाजपा की सदस्यता लेते ही युवा नेता राजबहादुर ने दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और उन पर बेहद संगीन आरोप लगाए। राजबहादुर ने कहा कि राजेंद्र भारती ने विधायक रहते हुए हमेशा कांग्रेस के कर्मठ और जमीनी कार्यकर्ताओं की घोर अनदेखी की। इतना ही नहीं, उन्होंने कार्यकर्ताओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे (केस) भी दर्ज करवाए। इसी प्रताड़ना और उपेक्षा के कारण कार्यकर्ताओं में लंबे समय से भारी आक्रोश था, जिसका परिणाम आगामी उपचुनाव में कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा।


क्यों हो रहा है दतिया में उपचुनाव?

गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को हाल ही में अयोग्य घोषित कर दिया गया है, जिसके चलते यह सीट खाली हुई है और यहाँ उपचुनाव होना अनिवार्य हो गया है। हालांकि, निर्वाचन आयोग द्वारा अभी तक चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चुनावी बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है।


प्रशासनिक तैयारियां तेज: ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की हुई जांच

दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से पत्र मिलने के बाद दतिया जिला प्रशासन ने भी आगामी उपचुनाव की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने निर्वाचन प्रक्रिया के पहले चरण के तहत सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनों की 'फर्स्ट लेवल चेकिंग' (FLC) की प्रक्रिया पूरी कराई।


19 मई को हुआ मशीनों का परीक्षण: जिला कलेक्टर कार्यालय में बीते 19 मई को मशीनों की गहनता से जांच की गई।

291 मतदान केंद्रों पर होगा चुनाव: आगामी उपचुनाव को निष्पक्षता से संपन्न कराने के लिए पूरे विधानसभा क्षेत्र में 291 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।

इतनी मशीनों की हुई चेकिंग: इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन द्वारा कुल 200 मुख्य मशीनों के साथ ही 600 बैलेट यूनिट, 600 कंट्रोल यूनिट और 600 वीवीपैट मशीनों का तकनीकी परीक्षण और सत्यापन किया जा चुका है।