छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा-बैतूल नेशनल हाईवे पर सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार यूरिया से भरे ट्रक ने सामने से आ रहे पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार मजदूर दूर-दूर तक सड़क पर बिखर गए।

हादसे में 5 मजदूरों की मौत हो गई, जिनमें 3 महिलाएं शामिल हैं। मरने वालों की संख्या शुरुआत में 4 बताई जा रही थी, जो बाद में बढ़कर 5 हो गई। घटनास्थल पर लाशें इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गई थीं कि उन्हें पोटलियों में समेटना पड़ा।

हादसे का मंजर

सभी मजदूर मछैरा गांव के रहने वाले थे। वे सब्जी तोड़ने के लिए कन्हरगांव जा रहे थे। पिकअप वाहन में करीब 20-25 मजदूर सवार थे। पीछे से आ रहे भारी ट्रक ने पिकअप को इतनी तेजी से टक्कर मारी कि वाहन पूरी तरह से चकनाचूर हो गया।

मृतक सावित्री वनके (31) के पति सुरेश सिंह ने बताया कि सुबह 9 बजे सभी मजदूर काम पर निकले थे। पिकअप उन्हें लेने के लिए खड़ा था, तभी ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी।

घायलों की हालत गंभीर

हादसे में करीब 18 लोग घायल हुए हैं। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। 16 घायलों को जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। 5 मजदूरों की हड्डियां टूट गई हैं, जबकि अधिकांश के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।

स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की। पुलिस और एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची। एडीएम धीरेंद्र सिंह भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया।

पुलिस की जांच

पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर को मुख्य वजह माना जा रहा है।

यह हादसा मजदूरों की असुरक्षित यात्रा और ओवरलोडिंग की समस्या को एक बार फिर उजागर करता है। प्रशासन से इस तरह के हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग उठने लगी है।