गांधीनगर। गुजरात में तीन दिवसीय 'शाला प्रवेशोत्सव और कन्या केलवणी महोत्सव' के दौरान 37,211 स्कूलों में 16.35 लाख से अधिक छात्रों का नामांकन हुआ। राज्य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जितू वघानी ने बुधवार को कहा कि यह अभियान स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर कम करने के उद्देश्य से चलाया जाता है।

कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए वघानी ने बताया कि यह अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में चलाया गया, जिसका उद्देश्य राज्य में साक्षरता बढ़ाना और सभी बच्चों का स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि 24वां शाला प्रवेशोत्सव वडनगर स्थित बीएन हाई स्कूल से शुरू किया गया था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी।

नामांकन के आंकड़े साझा करते हुए मंत्री ने कहा कि इस अभियान के दौरान 1.93 लाख से अधिक बच्चों ने आंगनवाड़ी और नर्सरी स्कूलों में शिक्षा शुरू की। वहीं 4.34 लाख से अधिक बच्चे बालवाटिका में, 1.05 लाख से अधिक छात्र कक्षा 1 में, 5.93 लाख से अधिक छात्र कक्षा 9 में और 3.08 लाख से अधिक छात्र कक्षा 11 में दाखिल हुए।

शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए सरकार ने करीब 2,766 स्कूलों में परिवहन सुविधा भी शुरू की है।

उन्होंने कहा कि 13,084 मेधावी छात्राओं को आगे की शिक्षा के लिए ‘विद्यालयक्ष्मी बॉन्ड’ प्रदान किए गए, जिससे बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी तीन दिवसीय अभियान के दौरान खुद स्कूलों में पहुंचे।

इसके अलावा, गुजरात भर से दानदाताओं ने शिक्षा से जुड़े कार्यों के लिए 28.97 करोड़ रुपए से अधिक का योगदान दिया।

मंत्री ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गुजरात की साक्षरता दर बढ़ाना और 100 प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है।