सतना, अंबिका केशरी। सतना नगर निगम ने अपने 45 वर्षों के इतिहास में एक नई मिसाल कायम की है। अब तक नगर निगम को दो महिला महापौर मिल चुकी थीं, लेकिन परिषद अध्यक्ष (स्पीकर) की कुर्सी पर किसी महिला को बैठने का अवसर पहली बार मिला है। यह ऐतिहासिक पहल निगम अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी पालन द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन’ अभियान के तहत आयोजित विशेष परिषद सम्मेलन में की गई, जहां वार्ड क्रमांक 24 की पार्षद और एमआईसी सदस्य प्रीति कुशवाहा को एक दिन के लिए परिषद अध्यक्ष बनाया गया। इस कदम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है और महापौर सहित सत्ता पक्ष व विपक्ष के पार्षदों ने इसकी सराहना की। कार्यक्रम का सबसे खास दृश्य तब देखने को मिला जब निगम अध्यक्ष ने अपनी कुर्सी प्रीति कुशवाहा को सौंप दी और स्वयं पार्षदों के बीच जाकर बैठ गए।


नगर निगम के इतिहास में यह पहला अवसर था जब किसी स्पीकर ने अपनी सीट छोड़कर एक पार्षद को कार्यवाही संचालित करने का मौका दिया। सम्मेलन की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद परिषद में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के समर्थन में प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। नगर निगम के 45 वार्डों में वर्तमान में 23 महिला और 22 पुरुष पार्षद हैं, जिससे महिलाओं की मजबूत भागीदारी भी सामने आई। सम्मेलन के दौरान विभिन्न पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं भी उठाईं, जिसमें पानी, सीवर और सफाई व्यवस्था प्रमुख मुद्दे रहे। बहस के दौरान कुछ आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल पर महापौर योगेश ताम्रकार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक पहल है, जिस पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चर्चा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के समर्थन को मजबूत करना है, जिस पर सभी पक्ष सहमत हैं।