भोपाल। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के भोपाल केंद्र ने बुधवार से शुरू होने वाले अगले पांच दिनों के दौरान मध्य प्रदेश में व्यापक रूप से भारी बारिश, गरज, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की भविष्यवाणी की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह मौसम प्रणाली दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने, मौसमी निम्न दबाव और क्षेत्र को प्रभावित कर रहे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण बन रही है।
भोपाल केंद्र के अनुसार, 1 जुलाई को कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिनमें खरगोन में 115 मिलीमीटर, आष्टा में 109 मिलीमीटर, पचमढ़ी में 88.4 मिलीमीटर और बीरसिंहपुर, सतवास और बालाघाट जैसे अन्य स्थानों पर भी भारी बारिश हुई।
देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, शिवपुरी, बेतूल, खंडवा, सतना और बालाघाट सहित कई जिलों में भारी वर्षा हुई है।
आने वाले दिनों के लिए कई जिलों में विशेष रूप से गंभीर चेतावनी जारी की गई है।
2 जुलाई को रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्ना में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।
अगले दिनों बड़वानी, धार, हरदा, खरगोन, देवास और छिंदवाड़ा में भी इसी तरह की तीव्र गतिविधि की उम्मीद है।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर, और चंबल संभाग के कई अन्य जिलों में भारी बारिश, बिजली गिरने के साथ आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट है।
1 जुलाई को तड़के रात में सागर, रायसेन समेत सांची और भीमबेटका, उज्जैन, महाकालेश्वर, सतना, चित्रकूट, रीवा, मऊगंज, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पन्ना, इंदौर, देवास, धार समेत मांडू, अलीराजपुर, झाबुआ, सीधी और सिंगरौली में मध्यम गरज के साथ बिजली चमकने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
भोपाल सहित बैरागढ़, विदिशा, उदयगिरि, मैहर, पांढुर्ना, पेंच, बैतूल, सिवनी, बालाघाट, मंडला, कान्हा, डिंडोरी, अनुपपुर सहित अमरकंटक, शहडोल, उमरिया, बांधवगढ़, कटनी, जबलपुर सहित भेड़ाघाट, दमोह, छतरपुर, खजुराहो, टीकमगढ़, निवाड़ी, सहित ओरछा, दतिया, भिंड, राजगढ़ में हल्की गरज के साथ बौछारें पड़ने और हल्की बारिश की संभावना है। शाजापुर, आगर, गुना, सीहोर, नर्मदापुरम सहित पचमढ़ी, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, नीमच, मंदसौर और बड़वानी सहित बावनगजा।
मानसून मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है और आने वाले दिनों में और प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण और उससे जुड़े निम्न दबाव क्षेत्र अस्थिर मौसम में योगदान दे रहे हैं।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहें, जलभराव की आशंका वाले निचले इलाकों से बचें और कम दृश्यता और तेज हवाओं के कारण यात्रा करते समय सावधानी बरतें।
किसानों को खड़ी फसलों की रक्षा करनी चाहिए और बरसात के दौरान कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचना चाहिए।
निवासियों को आपातकालीन किट तैयार रखनी चाहिए और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और स्थानीय प्रशासन से आधिकारिक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
तीव्र मानसून की इस अवधि से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़, यातायात व्यवधान और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

