सिंगरौली/भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए पूर्व प्रदेश प्रवक्ता भास्कर मिश्रा को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। सिंगरौली जिले से ताल्लुक रखने वाले भास्कर मिश्रा के खिलाफ यह कार्रवाई अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों के चलते की गई है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा जारी आदेश के बाद उन्हें आगामी 6 वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बाहर कर दिया गया है। इस कड़े फैसले के बाद विंध्य क्षेत्र सहित प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
सिंगरौली शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि भास्कर मिश्रा की गतिविधियों को लेकर पार्टी के भीतर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। संगठन विरोधी आचरण और अनुशासनहीनता के चलते उन्हें पहले पांच बिंदुओं पर आधारित एक विस्तृत 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी किया गया था। पार्टी ने उनसे तय समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया था, लेकिन भास्कर मिश्रा ने नोटिस का कोई जवाब देना उचित नहीं समझा। इसे पार्टी के आदेशों की अवहेलना मानते हुए अंततः उनके निष्कासन का निर्णय लिया गया।
शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति को पार्टी की गरिमा और नीतियों के विरुद्ध कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। भास्कर मिश्रा पर आरोप है कि वे पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी और संगठनात्मक कार्यों में बाधा डाल रहे थे। 6 साल के लंबे निष्कासन का उद्देश्य पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को एक कड़ा संदेश देना है कि अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विंध्य क्षेत्र में कांग्रेस के एक पूर्व प्रवक्ता पर हुई इस बड़ी कार्रवाई ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। एक तरफ जहाँ इसे संगठन की 'सफाई प्रक्रिया' के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर चर्चा यह भी है कि इस निष्कासन के बाद जिले में नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं। फिलहाल भास्कर मिश्रा की ओर से इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन कांग्रेस के इस कड़े प्रहार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आंतरिक अनुशासन को लेकर अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।



