मंदसौर,ललित शंकर धाकड़। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में अफीम किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया 28 मार्च से प्रारंभ हो गई है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार इस वर्ष अफीम तौल को चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है, जिससे तौल केंद्रों पर भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।
सीबीएन अधिकारियों के अनुसार किसानों को पहले ही गांववार तिथियां आवंटित कर दी गई हैं और उसी के अनुरूप उन्हें तौल केंद्रों पर बुलाया जा रहा है। इस व्यवस्था से किसानों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित रहेगी।
प्रशासन द्वारा तौल केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, छाया और भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
आंकड़ों के अनुसार इस बार जिले में कुल चार तौल केंद्र बनाए गए हैं। मंदसौर-1 केंद्र पर 28 मार्च से 10 अप्रैल तक 5,920 किसानों की तौल की जाएगी, जबकि मंदसौर-2 केंद्र पर 1 अप्रैल से 14 अप्रैल तक 6,467 किसान अपनी उपज लेकर पहुंचेंगे। इसके अलावा गरोठ-भानपुरा केंद्र पर 28 से 31 मार्च के बीच 1,495 किसानों की तौल निर्धारित की गई है।
पूरे जिले में इस बार कुल 19,125 किसान अफीम तौल प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं, जो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
वहीं सीपीएस (बिना चिराई डोडा) तौल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, हालांकि संभावना जताई जा रही है कि अफीम तौल प्रक्रिया पूरी होने के बाद अप्रैल के दूसरे सप्ताह में इसकी भी शुरुआत हो सकती है।

